काबड़ी रोड पर हंगामे के बाद चांदनी बाग थाना में डीटीपी और नेता पहुंच गए। थाने में भी जमकर हंगामा हुआ। जिसको हंगामे की सूचना मिलती रही वो थाने में पहुंचता रहा। थाने में 300 से अधिक व्यापारी एकत्रित हो गए। मामले को शांत करने के लिए जिला योजनाकार अधिकारी ललित हुड्डा को आना पड़ा।
उन्होंने यहां पर अपने जेई को भी फटकार लगाई और आश्वासन दिया कि अगर उद्यमी और व्यापारी 15 मार्च से पहले सीएलयू के लिए आवेदन कर देंगे तो वो किसी पर कार्रवाई नहीं करेंगे। इसके बाद विवाद शांत हुआ। अब उद्यमी सोमवार को डीटीपी कार्यालय में धरना प्रदर्शन करेंगे।
एक सप्ताह में अधिकारियों को दूसरी बार गया खदेड़ा
डीटीपी विभाग को कार्रवाई करने पर लगातार नेताओं और व्यापारियों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। एक सप्ताह में दो बार डीटीपी के अधिकारियों को खदेड़ा जा चुका है। विधायक प्रमोद विज भी डीटीपी को ये निर्देश दे चुके हैं कि विभाग निर्मित हो चुकी फैक्टरियों और दुकानों पर कार्रवाई न करें बल्कि अब हो रहे अवैध निर्माण को रोकें।
दुकानदारों ने बताया कि उनका मार्बल मार्केट के पास गोदाम है। गोदाम में वेस्ट का काम होता है। उनके पास दोपहर को डीटीपी विभाग का पास आया कि वो आधे घंटे में गोदाम को तोड़ने के लिए आ रहे हैं। उनको इससे पहले कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। उनके लगातार डीटीपी विभाग पैसों की मांग करता है। उन्होंने इसकी सूचना पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह और पार्षद लोकेश नांगरू को दी। इन्होंने विभाग को कार्रवाई करने से रोक दिया।
चांदनी बाग थाना में भी पूर्व मेयर जेई मनिंद्र पर भड़क गए और बोले कि आप लोगों से रिश्वत लेकर पहले गोदाम बनवाते हो और फिर बनने के बाद पैसे मांगते हो। आपकी बहुत शिकायत मिल रही है इसका जवाब दो। डीटीपी ललित इस पर जेई पर गुस्सा हो गए और बोले कि आप लोगों से पैसे लेते हो, इसका जवाब दो। हालांकि जेई ने कोई जवाब नहीं दिया और सिर नीचे कर चुप खड़े रहे।
गत 11 फरवरी को सवा चार लाख रुपये देकर मैंने गोदाम बचाया: जैन
काबड़ी रोड स्थित वेस्ट के कारोबारी सतेंद्र जैन ने बताया कि उनको डीटीपी विभाग को लेकर पैसे देने पड़ रहे हैं। उनके पास डीटीपी विभाग से फोन आया था कि वो गोदाम को गिरा देंगे। कुछ दिन पहले ही उनके पिता की मौत हुई थी। उसके गोदाम में साढ़े तीन करोड़ का माल है 30 लोग वहां काम करते हैं। उससे पैसे मांगे गए। उसने विभाग के अधिकारियों को 11 फरवरी को गोहाना रोड के पास होटल में पौने चार लाख रुपये देने पड़े। इसके बाद उसका गोदाम बचा है।
एक भी फैक्टरी को नहीं गिराने देंगे, थप्पड़ मारने के आरोप गलत: पूर्व मेयर
हम एक भी फैक्टरी को गिराने नहीं देंगे। डीटीपी बहुत भ्रष्ट विभाग है। पहले यहां लोगों से पैसे लेकर गोदाम का निर्माण कराया जाता है फिर बनने के बाद गिराने की धमकी देकर पैसे लिए जाते हैं। सरकार ऐसी किसी भी फैक्टरी पर कार्रवाई नहीं करने देगी जिसका निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। लोग अपना सब कुछ दांव पर लगाकर गोदाम व फैक्टरी बनाते हैं और ये लोग उन्हें तोड़ देते हैं। अगर विभाग को कार्रवाई करनी है तो उन पर करें जिनका फिलहाल निर्माण कार्य चल रहा है। उन पर थप्पड़ मारने के गलत आरोप लगाए गए हैं। - भूपेंद्र सिंह, पूर्व मेयर
डीटीपी विभाग के कार्यालय में सोमवार को धरना देंगे। गलत तरीके से कार्रवाई कर रहे हैं लोगों को परेशान कर रहे हैं। अब डीटीपी ने 15 मार्च तक कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया है। वो गलत कार्रवाई के खिलाफ खड़े रहेंगे। - लोकेश नांगरू, उपाध्यक्ष भाजपा एवं पार्षद
मुझे थप्पड़ मारे गए हैं: एटीपी
पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने कार्रवाई की जगह आकर उनके साथ मारपीट की है, उनको थप्पड़ मारे गए हैं। जो वो उन्हें कार्रवाई के बारे में बता रहे थे। उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया है। -नवीन कुमार, एटीपी
15 मार्च तक सीएलयू आवेदन करें, पूर्व मेयर पर कार्रवाई के लिए चल रही बात: डीटीपी
अगर व्यापारियों से गोदाम का निर्माण कराने के लिए पैसे लिए गए हैं तो उन्हें शिकायत दें वह जांच कराएंगे। वो नोटिस देने के बाद कार्रवाई करते हैं। अब वो सभी उद्यमियों व व्यापारियों से अपील करते है कि वो 15 मार्च तक सीएलयू के लिए आवेदन कर दें। जो आवेदन कर देगा, विभाग उन पर कार्रवाई नहीं करेगा। 15 मार्च के बाद कार्रवाई की जाएगी। पूर्व मेयर ने एटीपी को थप्पड़ मारे हैं। उन पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों से बातचीत चल रही है। - ललित गोयल, जिला योजनाकार अधिकारी
विभाग की रडार पर हैं 30 कॉलोनियां
सरकार के आदेश के बाद जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) के अफसर ने पहले चल रही कार्रवाई को पहले से तेज करते हुए तीन दिन में कई जगह मकान और दीवारें गिराई। डीटीपी का प्रयास है कि शहर से सटी जिन 30 कॉलोनियों में अवैध रूप से प्लॉट बेचे जा रहे हैं, वहां रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगे। इनमें वे कॉलोनियां भी शामिल हैं, जिसे सरकार ने एक साल पहले वैध किया।
डीटीपी की कार्रवाई का दायरा गांव और कस्बे तक पहुंचने वाला है। इसलिए डीटीपी ने जिले के 198 खसरों की सूची देकर यहां पर जमीन न खरीदने की अपील की है। उग्राखेड़ी, राजाखेड़ी, समालखा रोड चुलकाना, असंध रोड सेंट मैरी स्कूल के आसपास, बबैल रोड, जाटल रोड, आसन कलां, भैंसवाल, मतलौडा सहित अन्य जगहों पर रजिस्ट्री को रोकने के लिए कहा है। डीसी हेमा शर्मा ने कहा कि सरकार की ओर से जो आदेश आए हैं, उसे हर हाल में लागू कराया जाएगा।
अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री की जांच हो। इसलिए मामला गंभीर है। पानीपत के सभी तहसीलों में रोजाना हो रही रजिस्ट्री की डिटेल अब डीटीपी को दी जाए। डीटीपी के पटवारी रजिस्ट्री की जांच करें। अवैध कॉलोनियों में काटे गए प्लॉट की रजिस्ट्री रद्द की प्रक्रिया तेज की जा रही है।
बरसत रोड समेत इन इलाकों में कटी हैं अवैध कॉलोनियां
शहर में बरसत रोड, बबैल रोड, कुटानी रोड, असंध रोड और जाटल रोड पर शहर के नजदीक बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनियां कटी हैं। डीटीपी ने कहा कि सरकार का आदेश है कि रेवेन्यू अफसरों से रजिस्ट्री जांचने के लिए कहें। इसलिए इस बारे में सभी तहसीलदार से सहयोग मांगा गया है।
दो कनाल से कम के गिफ्ट डीड पर लगाई रोक
अब तक शहर से सटी कॉलोनियों में अवैध कॉलोनियां मिलीभगत से ही कट रही थी लेकिन 9 जनवरी को सरकार ने शहरी एरिया व पांच किलोमीटर के दायरे में 2 कनाल से कम के गिफ्ट डीड पर रोक लगा दी है।
कृषि और फैक्ट्री की जमीन पर भी कालोनियां
शहर में बहुत सा क्षेत्र ऐसा है, जहां कृषि और फैक्ट्री की जमीन पर कॉलोनी काटी गई हैं। गोहाना रोड पर नहर के साथ लगती जमीन पर खुलेआम कॉलोनी काटी जा रही। कई मकान बन गए हैं। रजिस्ट्री भी हुई हैं। लेकिन यहां पर कार्रवाई नहीं हुई। यहां भी अब कार्रवाई होगी। इसके अलावा शहर में बहुत सी वैध कालोनियां हैं, जिसके साथ अवैध रूप से कालोनी बसाई गई है।