चंडीगढ़। जिला अदालत परिसर में बीते सात अक्तूबर को मारपीट के बाद बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव नीरज हंस की मौत के मामले में पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता व पूर्व प्रधान रविंद्र सिंह जौली को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई एससी-एसटी एक्ट में की गई है। अपराध शाखा ने इस मामले के आरोपियों के खिलाफ तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। नीरज हंस को न्याय दिलाने के लिए जिला अदालत में अधिवक्ता 14 अक्तूबर से चार नवंबर तक हड़ताल पर थे।
इस मामले में दी शिकायत में महिला अधिवक्ता ने बताया कि नीरज हंस मोहाली के सेक्टर-61 में रहते थे। सात अक्तूबर को जिला अदालत की पार्किंग मेें शाम छह बजे वह अपना स्कूटर लेने गई थी। वहां एक वकील ने उसके साथ गाली-गलौच की। इसी दौरान नीरज हंस भी वहां पहुंच गए। जब उन्होंने गाली दे रहे वकील से इस बारे में पूछा तो उसने नीरज हंस के साथ झगड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान आरोपी वकील के दो और साथी वहां पहुंच गए। वे तीनों नीरज हंस को मारने के लिए दौड़े और एक वकील ने नीरज हंस की छाती पर मुक्का मार दिया। इसके बाद नीरज की तबीयत खराब हो गई। उन्हें उपचार के लिए सेक्टर-34 के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया लेकिन हालत बिगड़ने पर पीजीआई भेज दिया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी वकील जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान रविंद्र सिंह जौली व अन्य पर तीन केस दर्ज किए थे। इन मामलाें में जौली, गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपा और सतीश मोर काे नामजद किया गया जबकि आरोपी वकील जौली की शिकायत पर भी पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एक महिला वकील और नवदीप संधू के खिलाफ केस दर्ज किया था।