हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा बुधवार को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रामकरण दास मंगला के निधन पर शोक जताने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आलाकमान यदि कुछ समय पहले संगठन में बदलाव करती तो प्रदेश में कांग्रेस की पूर्ण बहुमत की सरकार बनती। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा का नकार दिया लेकिन जनादेश के साथ विश्वासघात कर गठबंधन सरकार बनी है।
पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए हुड्डा ने कहा कि प्रदेश सरकार कई तरह के अंतर विरोधों में घिरी हुई है। आज प्रदेश बेरोजगारी और गुंडागर्दी में नंबर वन है। विधानसभा चुनावों में जनता ने जातिवादी ताकतों को करारा जवाब दिया। जिन जातिवादी ताकतों ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए रोहतक, सोनीपत, झज्जर को जलवाया, उन ताकतों को विधानसभा चुनाव में इन सभी शहरों में करारी हार का सामना करना पड़ा। चुनावी नतीजे साफ बताते हैं कि जनता ने मनोहर और भाजपा सरकार को नकार दिया था।
गठबंधन सरकार ने अभी तक साझा न्यूनतम कार्यक्रम भी नहीं नहीं बनाया है। हुड्डा ने कहा कि गुरुग्राम में 2018 में हुए हैपनिंग हरियाणा में सरकार द्वारा एनआरआई से प्रदेश में छह लाख करोड़ के निवेश का दावा किया गया था। पहली बार एनआरआई के भारत में आने और होटलों के किराए तक का भुगतान सरकार ने किया लेकिन निवेश के नाम पर एक पैसा भी विदेश से हरियाणा में नहीं आया।
सीबीआई से हो धान मामले की जांच
धान घोटाले के मामले में हुड्डा ने कहा कि एक मंत्री ने घोटाला होने से मना किया है। उसके बाद जांच में घोटाले की बात कही गई। ऐसे में इस मामले की सीबीआई से जांच होनी चाहिए।
चुनाव में बिना कमांडरों के लड़ी कांग्रेस
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की फौज तो थी लेकिन कमांडर नहीं थे। इसके बावजूद प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को समर्थन दिया।