हरियाणा के स्थानीय निकायों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से लगे कर्मचारियों का मानदेय अब सीधे उनके खाते में जाएगा। ठेकेदारों द्वारा इन कर्मचारियों को मानदेय की अदायगी करने में कई तरह की शिकायतें सामने आती है। इतना ही नहीं आउटसोर्सिंग पर निकायों को कर्मचारी उपलब्ध करवाने को लेकर भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें भी मिलती रहती है। इसी के चलते शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने नई व्यवस्था कायम करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री विज ने कहा कि नगर पालिकाओं, नगर परिषदों व नगर निगमों में आउटसोर्सिंग पर लगे कर्मचारियों का मानदेय आरटीजीएस से उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा, ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके। मंत्री के अनुसार ऐसे कर्मचारियों की हाजिरी आधार कार्ड पर आधारित होगी ताकि कर्मचारियों की वास्तविक संख्या का भी पता लगाया जा सके।
सीएलयू सुविधा ऑनलाइन पोर्टल पर होगी
विज ने कहा कि राज्य में सीएलयू की सुविधा ऑनलाइन पोटर्ल पर उपलब्ध करवाई जाएगी। विभाग द्वारा करवाए जा रहे निर्माण कार्यों की जांच न्यूनतम 2 एजेंसियों से करवाई जाएगी। इसकी रिपोर्ट गलत पाई जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं ठेकदारों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने नगर पालिकाओं, नगर परिषदों तथा नगर निगमों में कार्यरत सभी कर्मचारियों की बॉयोमीट्रिक हाजिरी लगाने के आदेश दिए गए है। इसके साथ की कर्मचारियों के लिए मूवमेंट रजिस्टर लगाने को भी कहा गया है ताकि कार्य समय के दौरान किसी भी कर्मचारी द्वारा कार्यालय छोड़ने का पता लगाया जा सके।