सेक्टर-5 स्थित जेनरे हाउस देखने गए विदेशी मेहमान बाल-बाल बच गए। थोड़ी देर होती तो मेहमान चोटिल हो सकते थे। जब मेहमान जेनरे हाउस देख रहे थे उसी समय हाउस की छत से प्लास्टर की परत उतरकर नीचे गिर गई।
चंद मिनट पहले ही मेहमान इस जगह से गुजरे थे। गनीमत रही की किसी के ऊपर प्लास्टर नहीं गिरा, नहीं तो कोई अनहोनी हो सकती थी। इस दौरान मेहमानों के साथ पूर्व चीफ आर्किटेक्ट सुमित कौर और ली कार्बूजिए सेंटर की डायरेक्टर प्रो. दीपिका गांधी भी मौजूद थीं।
दूसरी इंटरनेशनल स्टैंडिंग कांन्फ्रेंस में हिस्सा लेने आए फ्रांस, जापान, स्विट्जरलैंड, जर्मनी और बेल्जियम के प्रतिनिधि शुक्रवार को शहर के दौरे पर निकले। शाम 5 बजे के करीब प्रतिनिधिमंडल सेक्टर-5 की कोठी नंबर-57 को देखने पहुंचे जिसमें दशकों पहले ली कार्बूजिए के कजिन पियरे जेनरे रहते थे।
कोठी के डिजाइन को देख मोहित विदेशी मेहमानों ने कोठी के चारों तरफ घूमकर फोटोग्रॉफी की। कोठी के बाहर बने कॉरीडोर से कुछ मिनट पहले ही सभी विदेशी मेहमान गुजरे थे।
पीछे की तरफ फोटोग्रॉफी करने के बाद जब वह आगे आए तो लैंटर से गिरी प्लास्टर की परत को देख हैरान रह गए। पूर्व चीफ आर्किटेक्ट सुमित कौर ने विदेशी मेहमानों से यह भी पूछा की आपने इसे गिरते देखा। सभी मेहमान प्लास्टर को उठाकर आश्चर्य से देखने लगे। विदेशी महिला तो प्लास्टर के अंदर इस्तेमाल हुई सामग्री की जानकारी भी लेने लगीं।
पियरे हाउस जर्जर हालत में है। हालांकि गृह सचिव अनुराग अग्रवाल के दौरे के बाद हाउस की हालत काफी सुधरी है। इसके अंदर उगी गैर जरूरी घास को हटाया जा चुका है। इसमें मेंटिनेंस वर्क भी चल रहा है। हाउस को मेंटिनेंस केबाद म्यूजियम के तौर पर डेवलप किया जाना है।