फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: न्यूजीलैंड में दूसरी बार नगर कीर्तन का विरोध, एसजीपीसी ने की निंदा

विज्ञापन
विज्ञापन
जालंधर/अमृतसर। न्यूजीलैंड में सिखों के नगर कीर्तन को एक बार फिर विरोध का सामना करना पड़ा। 20 दिनों में यह दूसरी बार है जब सिखों के धार्मिक उत्सव को बाधित किया गया। इस बार डेस्टिनी चर्च से जुड़े ब्रायन टमाकी और उनके समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर हाका डांस किया और नारे लगाए। उन्होंने कहा कि ये किसकी गलियां हैं? ये गलियां हमारी हैं। सरेआम तलवारें और झंडे लहराने की इजाजत किसने दी। हम अपनी संस्कृति को बर्बाद नहीं होने देंगे।
विज्ञापन

हालांकि नगर कीर्तन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा और सिख युवकों ने वाहेगुरु जी का खालसा, श्री वाहेगुरुजी के फतेह के जयकारे लगाकर इसे संपन्न कराया। 20 दिन पहले भी साउथ ऑकलैंड के उपनगर मनुरेवा में ब्रायन टमाकी समर्थकों ने हाका प्रदर्शन किया था तब पुलिस ने बीच-बचाव कर नगर कीर्तन को सुरक्षित निकाला था। वहीं, एसजीपीसी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने इस विरोध की निंदा की। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय विश्वभर में भाईचारा, सेवा और शांति का संदेश देता रहा है और धार्मिक परंपराओं का विरोध न केवल अस्वीकार्य है बल्कि समाज में सौहार्द और सहअस्तित्व के लिए भी चुनौतीपूर्ण है। धामी ने स्पष्ट किया कि दुनिया के किसी भी देश में रहने वाला सिख समुदाय स्थानीय कानूनों और संस्कृति का सम्मान करता है। इसके बावजूद सिखों को अपने धार्मिक अधिकारों का पालन करने से रोकना निराशाजनक और अस्वीकार्य है।
भारत सरकार से हस्तक्षेप की अपील
एसजीपीसी प्रधान ने न्यूजीलैंड और भारत सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील की है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें