30 रुपये में कराएं दूध, पनीर और दाल की जांच
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दूध, पनीर या दाल की जांच लोग अब सिर्फ 30 रुपये में करा सकेंगे। चंडीगढ़ में स्थापित होने वाली मोबाइल फूड टेस्टिंग लेबोरेटरी के दाम स्वास्थ्य विभाग ने तय कर दिए हैं। साथ ही इसकी जगह भी तय कर दी है। सोमवार से लेकर शुक्रवार तक यह शहर के अलग-अलग स्थानों पर खड़ी होगी।
सुबह नौ बजे से लेकर शाम चार बजे तक कोई भी व्यक्ति 30 रुपये देकर खाद्य पदार्थों की जांच करा सकता है। सैंपल देने के पांच से दस मिनट में टेस्टिंग रिपोर्ट भी मिल जाएगी। चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग महीने के आखिरी सप्ताह में मोबाइल फूड टेस्टिंग लेबोरेटरी स्थापित कर देगा। लैब के स्टाफ की ट्रेनिंग अंतिम दौर में है।
लैब में एक दर्जन से अधिक खाद्य पदार्थों के टेस्ट कर उनकी जांच रिपोर्ट मौके पर दी जाएगी। फिलहाल उत्तर भारत में ऐसी कोई लैब नहीं है। मोहाली में कुछ मोबाइल लैब हैं, जो सिर्फ दूध की जांच करती हैं।
इन खाद्य पदार्थों में मिलावट की होगी जांच
अंडे और दूध
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खाद्य पदार्थ---------मिलावट
दूध--------------स्टार्च, ग्लूकोस, फार्मालीन, फैट, सालिड और पानी
खोया-------------स्टार्च
पनीर-------------स्टार्च
घी---------------वनस्पति
मक्खन-----------वनस्पति
आयल------------मिनरल ऑयल और रोमन ऑयल
सेलराइस-----------रंग
दाल-------------पीला कलर और चमक
हल्दी-------------कलर
हींग-------------स्टार्च
टेस्ट सिर्फ जागरूकता के लिए, कानूनी कार्रवाई नहीं
रिसर्च
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विभाग ने साफ किया है कि मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब का मकसद उपभोक्ता व दुकानदार को जागरूक करना है। इसमें सिर्फ सामान की गुणवत्ता की जांच होगी। यानी टेस्ट के बाद उपभोक्ता को बता दिया जाएगा कि खाद्य पदार्थ में क्या मिलावट है? उसके बाद उपभोक्ता अगर दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना चाहेगा तो उसे लेबोरेटरी में जाना होगा। लैब को कानूनी अड़चनों से दूर रखा गया है। जांच रिपोर्ट के बाद उपभोक्ता पर निर्भर रहेगा कि वह उस दुकान से सामान खरीदे या फिर नहीं।
इन स्थानों पर खड़ी होगी मोबाइल लैब
उद्घाटन के बाद मोबाइल लैब सोमवार को सेक्टर 22 के अस्पताल में, मंगलवार को सेक्टर-8 की डिस्पेंसरी में, बुधवार को सेक्टर 40 की डिस्पेंसरी में, वीरवार को सेक्टर 45 के अस्पताल व शुक्रवार को मनीमाजरा के सिविल अस्पताल में खड़ी होगी। टेस्टिंग के अलावा यहां असली और नकली खाद्य पदार्थ रखे जाएंगे, जो लोगों को बताएंगे कि असली और नकली में क्या फर्क है। ताकि सामान खरीदते वक्त लोग जागरूक हो सकें और असली व नकली में फर्क जान सकें।