एसवाईएल की जमीन किसानों को वापस करने संबंधी बिल को लेकर विपक्ष ने विधानसभा में जमकर हंगामा किया। एक बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। दोबारा कार्यवाही शुरू हुई तो कांग्रेस ने फिर नारेबाजी करते हुए वाकआउट कर दिया।
सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी ने मंगलवार को ही एलान कर दिया था कि अगर बुधवार को एसवाईएल संबंधित बिल राज्यपाल को नहीं भेजा गया तो कांग्रेस सत्र की कार्यवाही नहीं चलने देगी। शून्य काल के दौरान चन्नी ने फिर यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एसवाईएल की जमीन किसानों को वापस करने के लिए बिल पास कराया गया। उसके बाद भी इस मामले में क्यों देरी की जा रही है। स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल ने कहा कि सारा काम प्रक्रिया के तहत होता है।
पहले बिल एलआर केपास जाता है, फिर मंत्री और उसके बाद राज्यपाल के पास जाता है। जो चीज प्रक्रिया में है, उस पर सदन में नहीं बोला जा सकता। इस पर कांग्रेसियों ने खड़े होकर विरोध जताना शुरू कर दिया। सीएम प्रकाश सिंह बादल सदन में नहीं थे। डिप्टी सीएम सुखबीर बादल जवाब देने को खड़े हुए, पर कांग्रेसियों ने उनकी एक न सुनी। देखते ही देखते सारे कांग्रेसी इकट्ठे होकर वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे।
आखिर 11.07 बजे सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कार्यवाही बहाल होने के बाद चन्नी फिर खड़े हुए और उसी मुद्दे पर बोलना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी एसवाईएल नहर ही भर देंगे। सत्ताधारी न तो बिल राज्यपाल को भेज रहे हैं और न ही नहर भरने दे रहे हैं। इसके बाद कांग्रेसियों ने फिर खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दी और वेल में आ गए। कुछ देर नारेबाजी के बाद विपक्ष ने वाकआउट कर दिया।
जाखड़ ने सदन में उठाया अमरनाथ यात्रियों का मुद्दा
पंजाब कांग्रेस का विरोध
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शून्यकाल की शुरूआत में सुनील जाखड़ ने अमरनाथ यात्रियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यात्रियों से ईसीजी और एक्स-रे के डेढ़ सौ रुपये लिए जा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में ये जांच मुफ्त होनी चाहिए। सेहतमंत्री सुरजीत ज्याणी ने कहा कि दो-तीन साल पहले ही इस बारे में आदेश जारी किए जा चुके हैं।
जाखड़ ने संघर्ष कर रहे ज्वैलर्स का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि एक्साइज ड्यूटी और पैन कार्ड की शर्त के खिलाफ पिछले दो हफ्तों से सारे ज्वैलर्स धरने पर बैठे हैं, जिससे राज्य में करीब तीन लाख लोग प्रभावित हैं। सदन उनके पक्ष में प्रस्ताव पास कर केंद्र को सिफारिश करे।
विपक्ष का बायकाट, सत्ताधारियों ने की बजट की प्रशंसा
विपक्ष ने बजट पर बहस का बायकॉट किया। वहीं, सत्ताधारियों ने बजट की प्रशंसा करते हुए इसे सराहनीय बताया। सोम प्रकाश ने कहा कि पिछले बजट में उन्होंने कुछ खामियां गिनाई थीं, लेकिन इस बार कोई भी कमी नहीं मिली। बजट में हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ है। किसान, युवाओं, महिलाओं केलिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सबके लिए एक श्मशानघाट का मुद्दा उन्होंने उठाया था। इसके लिए बजट प्रावधान से अच्छा मैसेज जाएगा। उन्होंने मांग की कि महाराष्ट्र की तर्ज पर पंजाब में भी अंधविश्वास रोकने को कानून लाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विधायकों के ट्रेनिंग कोर्स होना चाहिए, ताकि उन्हें सदन की कार्यवाही की तकनीकी जानकारी मिल सके। बजट पर बहस के दौरान प्रकाश चंद गर्ग ने कहा कि किसानों के लिए सराहनीय प्रावधान किए गए हैं। कर्ज में डूबे किसानों को राहत मिलेगी।
बलविंदर बैंस ने कहा कि पेंशन स्कीम के लिए किसानों से पैसे नहीं लेने चाहिए, सरकार अपनी तरफ से दे। इकबाल सिंह झूंदा ने तीर्थ दर्शन यात्रा स्कीम का बजट बढ़ाने और इसमें गरीबों को तरजीह देने का सुझाव दिया। दीप मल्होत्रा ने भी बजट की प्रशंसा की।