स्कूल में फर्श की धुलाई करती छात्राएं
एक वीडियो वायरल हुई है जिसमें सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (कन्या) की छात्राओं से जबरन पूरे स्कूल की धुलवाई करवाई जा रही है। सफाई के दौरान एक छात्रा की तबीयत खराब हो गई थी। जब उसके परिजन छात्रा को लेने पहुंचे तो देखकर हैरान रह गए थे कि उनकी बेटी से भी साफ-सफाई का काम करवाया था। छात्रा के परिजनों ने ही वीडियो तैयार की थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो के बाद जब पत्रकार मौके पर पहुंचे तो स्कूल के अध्यापकों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
यही नहीं एक चैनल के पत्रकार के खिलाफ सियासी लोगों के कहने पर थाना सदर में मामला भी दर्ज करवा दिया गया। उधर, डीईओ नेक सिंह का कहना है कि यदि अध्यापिकाएं छात्रों से वृक्षों पर रंगरोगन करवा रही हैं वह गलत हैं। यदि खुद अध्यापिकाएं साफ-सफाई का काम छात्रों के साथ कर रही हैं तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है। दूसरी तरफ एसडीएम हरजीत सिंह ने कहा कि छात्रों से स्कूल की धुलवाई करवाई जा रही है तो गलत है। पत्रकार आजाद हैं वह कहीं भी जाकर कवरेज कर सकते हैं।
छात्रा के पिता सुखदेव सिंह ने बताया कि स्कूल में साफ-सफाई और पेड़ों में रंगरोगन कराने से उनकी बेटी की तबीयत खराब हो गई। जब उनका बेटा, बेटी को स्कूल लेने गया तो उसने देखा कि स्कूल की सभी छात्राएं स्कूल का फर्श धो रही हैं। इस पूरे दृश्य की उसने वीडियो तैयार कर ली। सुखदेव ने कहा कि उनकी बेटी डीएवी स्कूल में पढ़ती थी। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने घोषणा की थी कि सभी लोग अपने बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ने को भेजे।
सुखदेव ने कहा कि यदि स्कूल में स्टाफ की कमी है तो उसे सरकार पूरी करे। छात्राओं से स्कूल का कामकाज क्यों करवाया जा रहा है। स्कूल में साफ-सफाई करवाई जाएगी तो बच्चे पढ़ेंगे कैसे, यही कारण है कि सरकारी स्कूलों के नतीजे बहुत खराब आ रहे हैं।