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बारिश और ओलों के बाद किसान पर एक और मार, उफान पर ब्यास नदी, सैकड़ों एकड़ फसल डूबी

Sun, 10 Feb 2019 09:16 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कपूरथला (पंजाब)
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फसल को बचाने में जुटे किसान
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बारिश और ओलावृष्टि के बाद पंजाब के किसानों पर बाढ़ का कहर जारी है। पहाड़ों की बर्फबारी और मैदानी इलाकों में हुई बारिश से ब्यास नदी इस कदर उफान पर है कि किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। देर रात दो बजे अचानक ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से सुल्तानपुर लोधी के मंड एरिया के 16 गांवों की फसल डूब गई।

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जैसे ही पानी घुसने की सूचना मिली तो किसान वहां पहुंचे और फसल को बचाने में जुट गए। पानी ज्यादा होने से फसल पूरी तरह से डूब चुकी हैं। शनिवार सुबह से किसान जेसीबी की मदद से अस्थायी बांध बनाने में जुटे हैं। सुल्तानपुर लोधी के मंड एरिया के गांव मंड मुबारकपुर के किसान सुखविंदर सिंह, अजीत सिंह, सोनी, गांव सांगरा के किसान कुलदीप सिंह, जगजीत सिंह, निशान सिंह, महिंदर सिंह, डा. निरवैर सिंह और गांव मंड बाऊपुर के किसान सुरजीत सिंह, जसवीर सिंह और लाडी ने बताया कि पहाड़ी एरिया में बर्फबारी से पानी मैदानी इलाके में आने के बाद बिना किसी सूचना के पानी शुक्रवार-शनिवार की रात करीब दो बजे दरिया ब्यास में छोड़ दिया गया है। 

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खेतों में जमा बाढ़ का पानी
इससे उनकी मेहनत की फसल डूब गई है। शनिवार की सुबह से ही वह बिना खाए-पीए अपनी फसल को बचाने में जुटे हैं। लेकिन अधिक पानी की वजह से उनकी मेहनत पर पूरी तरह से पानी फिर गया है। किसानों की कितने एकड़ फसल डूबी है, इसका भी अंदाजा नहीं लग पा रहा है। किसानों पंजाब सरकार व जिला प्रशासन से मांग की है कि उन्हें उचित मुआवजा दिलाया जाए। दरिया की मार से किसानी को बचाने के लिए ठोस प्रबंध किया जाए।

डीसी कपूरथला मोहम्मद तैय्यब ने कहा कि बारिश की वजह से दरिया का जलस्तर बढ़ा है। एसडीओ ड्रेनेज को स्थिति का जायजा लेकर पानी की निकासी के प्रबंध के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक पानी नहीं उतरता, तब तक कुछ नहीं हो सकता है। पानी उतरने के बाद ही गिरदावरी कराकर किसानों की फसल के नुकसान का अंदाजा लगाया जाएगा।
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