आसपास के कई गांवों में भी पानी भर गया। गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया। घग्गर नदी का पानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर आने के कारण चंडीगढ़ से नारनौल जाने वाले डी-152 राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद करना पड़ा। पानी अंबाला शहर में घुस गया जिससे लोगों को धर्मशालाओं में शिफ्ट करना पड़ा। यमुनानगर में तीन दर्जन कॉलोनियों के करीब 800 से ज्यादा घर पानी में डूब गए।
कुरुक्षेत्र के इस्माईलाबाद के गांव नैसी के पास मारकंडा नदी का तटबंध टूट गया। इससे नैसी, मढाढो, शेरगढ़, जंधेड़ी व जैतपुर सहित दर्जनों गांवों में चार से पांच फुट तक पानी घुस गया। आसपास खेतों में डेरों पर रहने वाले लोगों को रेस्क्यू किया गया। लाडवा में राक्षी नदी के तटबंध टूट गए। सरस्वती नदी भी ओवरफ्लो के करीब है। जिला प्रशासन ने नदी के आसपास की कॉलोनियों में रहने वालों को अलर्ट रहने को कहा है। पंचकूला में घग्गर भी उफान पर है। शहर में ढाई फुट से ज्यादा पानी भर गया। मोरनी क्षेत्र में 50 से ज्यादा जगहों पहाड़ों पर मलबा गिरने से सड़कें बाधित हो गई। घग्गर का जलस्तर बढ़ने पर सिरसा में भी अलर्ट जारी किया गया है।
पानीपत में मैनहोल में गिरा बच्चा, हिसार में पिता की करंट से मौत
हिसार जिले के उकलाना मंडी में बेटे को बचाने गए ईट भट्ठा संचालक पिता की करंट लगने से मौत हो गई जबकि उसका बेटा बच गया। बेटा बालकनी से बारिश का पानी निकाल रहा था। लोहे की पाइप सामने से गुजर रही एचटी लाइन से छू गई, जिस कारण दीपक को करंट लगा। उसके पिता बचाने आए तो करंट से उनकी मौत हो गई। इसी तरह पानीपत में मैनहोल में बच्चे की गिरने से मौत हो गई।
सोनीपत में तेज बारिश के चलते गांव जगदीशपुर में चार मकान ढह गए। कुरुक्षेत्र के गांव दयालपुर में शनिवार रात एक घर की छत गिर गई। करनाल के घरौंडा के प्रेमनगर में रविवार सुबह एक मकान गिर गया। इसमें दो बच्चे जख्मी हुए हैं। पानीपत के चड़ाऊ मोहल्ला में भी एक मकान की छत गिर गई।
सिंचाई विभाग के अधिकारी नहीं छोड़ेंगे मुख्यालय
सिंचाई विभाग ने आदेश जारी किया है कि मानसून को देखते हुए कोई भी अधिकारी जिला मुख्यालय न छोड़े। इसके साथ-साथ हरियाणा में तालाबों नहरी पानी से भरवाने व जनस्वास्थ्य विभाग के टैंकों को भी नहरी पानी से भरा जाए।
चंडीगढ़, अंबाला, फरीदाबाद व गुरुग्राम के स्कूल बंद, बाकी जिलों में डीसी को निर्देश
चंडीगढ़ समेत अंबाला, फरीदाबाद व गुरुग्राम के स्कूल दो दिन के लिए बंद कर दिए गए। बाकी जिलों सभी डीसी को छुट्टी का अधिकार दिया है। डीसी अपने-अपने जिले की स्थिति को देखते हुए छुट्टी का फैसला ले सकेंगे।
हथिनीकुंड बैराज के गेट खुले, एनसीआर में बाढ़ का खतरा
यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज का जलस्तर 1.90 लाख क्यूसेक के जलस्तर को पार कर गया। बैराज के सभी 18 गेटए गए हैं। यहां से एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यह पानी दो दिन बाद दिल्ली पहुंच जाएगा। इससे दिल्ली-एनसीआर में बाढ़ का खतरा बढ़ेगा। पंचकूला में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कौशल्या बांध का दौरा कर हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है।
23 ट्रेनें रूट बदलकर चलाई, कालका-शिमला ट्रैक बंद
अंबाला मंडल के सरहिंद-नंगलडैम, चंडीगढ़-साहनेवाल और कालका-शिमला सेक्शन पर ट्रेनों का संचालन तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया। इसका असर 30 से अधिक ट्रेनों पर नजर आया। 16 ट्रेनों को पूर्ण तौर पर रद रखने के आदेश जारी कर दिया है जबकि 23 ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया गया। कालका-शिमला रेलमार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन और पेड़ गिरने से रविवार को कोई भी ट्रेन नहीं भेजी गई। 30 से अधिक कर्मचारियों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात कर दिया है।
आदिबद्री में बारिश से दरका पहाड़, श्रद्धालु फंसे
आदिबद्री में सरस्वती उद्गम स्थल से आगे रविवार शाम पहाड़ का बड़ा हिस्सा दरक गया। पहाड़ से बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर गिर गए। सड़क पर मलबा गिरने से आवाजाही बंद हो गई। रास्ता बंद होने से आदिबद्री में दर्शन करने व घूमने आए करीब 24 श्रद्धालु व पर्यटक फंस गए। डेढ़ घंटे बाद उनको निकाला जा सका।
33 घंटे में रिकॉर्ड बारिश
| चंडीगढ़ |
322 (MM में) |
| अंबाला |
266 |
| पंचकूला |
197 |
| यमुनानगर |
196 |
| कुरुक्षेत्र |
146 |
| करनाल |
109 |
| नूंह- |
102 |
| सोनीपत |
98 |
नोट: बारिश के आंकड़े शनिवार सुबह साढ़े 8 बजे से रविवार शाम साढ़े 5 बजे तक के हैं।
इसके अलावा कैथल में बीते 24 घंटे में 65 एमएम, गुरुग्राम 67, फतेहाबाद में 49, महेंद्रगढ़ में 44, झज्जर में 35.8 एमएम बारिश हुई।