अब जीपीए और सब जीपीए के अलावा आगे जितने भी फ्लैट के खरीददार होंगे, वे फ्लैट अपने नाम पर ट्रांसफर करवा पाएंगे। हाउसिंग बोर्ड की ओर से यह भी निर्णय लिया गया है कि अब आगे जितनी बार भी फ्लैट बिकेगा।
आवेदक से उसके ट्रांसफर के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क चार्ज किया जाएगा। हाउसिंग बोर्ड के अनुसार इस समय तक पावर आफर अटार्नी और सब पावर आफ अर्टानी को ही मकान ट्रांसफर करने का अधिकार था लेकिन इस ट्रांसफर प्रक्रिया में कई मामले सामने आए हैं, जिसमे सब जीपीए होल्डर्स ने भी आगे प्रापर्टी बेची है जिस कारण यह फैसला लिया गया है।
ऐसे में अब बोर्ड जो असली खरीदार होगा उसके नाम पर भी फ्लैट एवं मकान ट्रांसफर कर पाएगा। हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस का कहना है कि आवेदक से हर ट्रांसफर के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त फीस चार्ज की जाएगी।
ई बोली से फ्लैट बेचने की तैयारी
हाउसिंग बोर्ड जल्द ही शहर में खाली पड़ी प्रापर्टी और फ्लैट्स को बेचने की तैयारी कर रहा है। यह फ्लैट्स ई बोली के माध्यम से बेची जाएगी।
सेक्टर-63 के अलावा शहर के अन्य सेक्टरों के खाली पड़े फ्लैट्स इसमे शामिल हैं जिनका रिजर्व प्राइस तय कर दिया गया है। ई बोली के माध्यम से लोग विदेश में बैठकर भी शहर के फ्लैट की बोली लगा पाएंगे।