पंजाब में रिकॉर्ड मांग के बीच विभिन्न थर्मल प्लांटों के पांच यूनिट बंद पड़ गए हैं। इससे 2050 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप हो गया है।
पावरकॉम को बढ़ी मांग व आने वाले गरमी व पैडी सीजन के लिए बैंकिंग सिस्टम के तहत बिजली जमा करने के लिए बाहर से खरीद करनी पड़ रही है। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक पावरकॉम ने करीब 70 करोड़ की बिजली एक दिन में ही खरीदी है। इससे पावरकॉम के लिए आर्थिक दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
राजपुरा थर्मल प्लांट का 700 मेगावाट की क्षमता वाला एक नंबर यूनिट ब्वॉयलर ट्यूब में लीकेज और गोइंदवाल साहिब का 270 मेगावाट का एक नंबर यूनिट फैन ब्लेड पिच चेकिंग वर्क के कारण बंद पड़ गया है। वहीं पंजाब में प्राइवेट सेक्टर के सबसे थर्मल प्लांट तलवंडी साबो का 660 मेगावाट का दो नंबर यूनिट तकनीकी खराबी के चलते ठप पड़ गया है। जबकि पावरकॉम के लहरा मुहब्बत थर्मल प्लांट का 210 मेगावाट का दो नंबर यूनिट पहले से ही तकनीकी खराबी के चलते बंद पड़ा है। रोपड़ थर्मल का भी 210 मेगावाट का यूनिट सालाना मरम्मत कार्यों के चलते बंद किया गया है।
इस सबके बीच पंजाब में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार को पंजाब में बिजली की मांग बीते दो सालों में इसी दिन रिकार्ड की गई मांग के मुकाबले काफी ज्यादा रही। 9 फरवरी 2022 को बिजली की अधिकतम मांग 6532 मेगावाट और 2023 में इसी दिन 8153 मेगावाट दर्ज की गई थी। वहीं शुक्रवार को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 8713 मेगावाट दर्ज की गई।
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक बंद पड़े यूनिटों के कारण बढ़ी बिजली मांग को पूरा करने के लिए पावरकॉम ने बाहर से करीब 70 करोड़ की बिजली खरीदी। यह बिजली औसतन 4.50 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदी गई है।
तकनीकी खराबी के चलते आए दिन बंद रहता है तलवंडी थर्मल
पंजाब में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए 1980 मेगावाट के तलवंडी साबो थर्मल प्लांट पर सरकार की निर्भरता ज्यादा रहती है। लेकिन इस प्लांट के यूनिट आए दिन तकनीकी खराबी के चलते बंद पड़ जाते हैं। पांच जनवरी 2024 को भी इस प्लांट का तीन नंबर यूनिट तकनीकी खराबी के चलते चार दिनों के लिए बंद रहा था। इसी तरह से 18 जनवरी 2024 को एक नंबर यूनिट बंद पड़ा था, जो बाद में 22 जनवरी को ही चालू हो पाया था। 23 जनवरी 2024 को दो नंबर यूनिट ठप पड़ा था और यह 26 जनवरी को मरम्मत के बाद चल पाया था।