पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना में चंडीगढ़ को इस साल पांच हजार साइकिलें मिलने का सपना अधर में लटक गया है। स्मार्ट बाइक शेयरिंग कंपनी को अप्रैल 2022 में चारों चरण पूरे कर शहर में साइकिलें संचालित करनी थीं, लेकिन अब कंपनी ने स्मार्ट सिटी को आवेदन देकर कहा है कि हमारे पास फंड की कमी है इसलिए इस साल प्रोजेक्ट को पूरा नहीं किया जा सकता। जुलाई 2023 में सभी चरणों को पूरा कर लिया जाएगा।
कोरोना के चलते प्रोजेक्ट पहले ही देरी से शुरू हो सका है, ऐसी स्थिति में यह योजना एक साल और लंबी चली जाएगी। अब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में समय बढ़ाने और कंपनी पर जुर्माना लगाने का फैसला लिया जा सकता है।
योजना में संशोधित अनुबंध के अनुसार कंपनी को 27 जनवरी 2021 से शहर में स्मार्ट बाइक शेयरिंग योजना शुरू करनी थी और 27 अप्रैल 2022 को चारों चरण पूरा कर देना था। कंपनी को अनुबंध के अनुसार पहला चरण अप्रैल 2021 में पूरा करना था, लेकिन अनुबंध में संशोधन के बाद यह तिथि जून 2021 कर दी गई, लेकिन अगस्त में जाकर यह चरण शुरू हुआ। इसी तरह दूसरा चरण अगस्त 2021 में पूरा करना था, संशोधित अनुबंध के अनुसार कंपनी को अक्तूबर 2021 तक का समय मिल गया, लेकिन फरवरी 2022 में जाकर पूरा हुआ। इसमें भी कई डॉकिंग स्टेशन ऐसे हैं जहां कभी साइकिल नहीं रहती या टूटी पड़ी हैं।
मई में शुरू करना था तीसरा चरण, दिसंबर तक का मांगा समय
कंपनी को अनुबंध के अनुसार 27 दिसंबर 2021 तक तीसरा चरण पूरा करना था। संशोधित अनुबंध के अनुसार मई 2022 में तीसरा चरण शुरू होना था, लेकिन कंपनी इसे दिसंबर 2022 में शुरू करने के लिए कह रही है जबकि चौथा चरण अप्रैल 22 में पूरा करना था, जो संशोधन के बाद सितंबर 2022 कर दिया गया था, लेकिन कंपनी जुलाई 2023 में पूरा करने की बात कह रही है।
10 प्रतिशत स्टैंड में बदलाव की अनुमति अटकी
कंपनी को 617 डॉकिंग स्टेशन से 3 हजार साइकिलें चलानी हैं। इसके लिए कंपनी ने एक कमेटी से सर्वे कराया। कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार लगभग 10 प्रतिशत डॉकिंग स्टेशन में बदलाव करना था। हालांकि अभी इसकी अनुमति नहीं मिली है। वहीं पुलिस की ओर से मदद लेने के लिए निगम उन्हें पत्र लिखे। लोग साइकिलों को तोड़ रहे हैं या सीमा रेखा से बाहर लेकर चले जाते हैं। अब तक ऐसे 4 हजार से ज्यादा केस आ चुके हैं लेकिन इसमें पुलिस की ओर से कोई मदद नहीं मिली। पुलिस को सबूत देने के बावजूद अभी तक मात्र 8 डीडीआर दर्ज हुई हैं।
योजना एक नजर में
कुल उपयोगकर्ता- 2.02 लाख
कुल राइड- 5.75 लाख
प्रतिदिन औसतन राइड- 1600
कुल किलोमीटर- 23 लाख से ज्यादा
पर्यावरण में कार्बन जाने से बचाया- 527 टन
स्मार्ट बाइक शेयरिंग कंपनी ने प्रोजेक्ट की समय सीमा बढ़ाने के लिए आवेदन दिया है। उनकी समस्याओं को सुना गया है। अब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में कंपनी का पक्ष रखेंगे। वहां जो तय होगा उसके अनुसार प्रोजेक्ट पर काम होगा। - आनिंदिता मित्रा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, स्मार्ट सिटी परियोजना