चंडीगढ़। शहर में दो जगह शराब कारोबारियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग करने वाले शूटरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही है। बावजूद इसके पुलिस अभी तक सिर्फ एक शूटर को गिरफ्तार कर सकी है। वहीं, पांच शूटर अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। उधर, एक शूटर को पंजाब पुलिस ने अमृतसर से गिरफ्तार किया है। दूसरी ओर पुलिस गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और शूटर नितिन को जल्द प्रोडक्शन वारंट पर शहर लाने की तैयारी कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस जल्द ही दोनों को रिमांड पर लेने के लिए शहर ला सकती है। इसके अलावा वारदात के बाद से पुलिस ने अब तक मददगार, हथियार मुहैया कराने वाले एक शूटर समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही कुल सात गाड़ियां भी जब्त की गईं हैं। पुलिस का दावा है कि फरार हुए अन्य शूटरों को जल्दी ही दबोच लिया जाएगा। गौरतलब है कि बीते 31 मई को सेक्टर-33 स्थित शराब कारोबारी अरविंद सिंगला के भाई राकेश सिंगला के घर पर कार सवार पांच बदमाश ताबड़तोड़ 17 राउंड फायरिंग कर फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की कार को कब्जे में लेकर शूटरों की मदद करने वाले जीरकपुर निवासी जिम संचालक सेवक उर्फ गुरी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में खुलासा हुआ था कि अंबाला जेल में बंद गैंगस्टर दीपू ने उन्हें काम सौंपा था। इसके बाद पुलिस ने हथियार मुहैया कराने वाले कुलविंदर सिंह उर्फ काला, लुधियाना निवासी शूटर करण शर्मा, पनाह देने वाले शिवा, लक्की और साहब सिंह को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्रोई के कहने पर पंजाब और चंडीगढ़ के बड़े कारोबारों से रंगदारी वसूलने के लिए वारदात को अंजाम दिया गया था।
दो दिन बाद ठेके पर की फायरिंग
सेक्टर-33 में फायरिंग के दो दिन बाद यानी 2 जून को सेक्टर-9 में शराब ठेके पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दो शूटर होंडा अमेज कार से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने फायरिंग की साजिश रचने वाले नारायणगढ़ निवासी वेंकट को गिरफ्तार किया था। साथ ही वारदात में शामिल पुलिस ने इस केस में फॉर्च्यूनर समेत चार गाड़ियां बरामद की थीं।
इन शूटरों की तलाश
सेक्टर 34 थाना पुलिस को हरियाणा के गांव लाडवा निवासी शूटर बलबीर सिंह उर्फ मनी, भिवानी निवासी राहुल, बच्ची और सेक्टर 3 पुलिस को कुरुक्षेत्र के पेहुवा निवासी अमरीक सिंह उर्फ रिंकू उर्फ टोपी और हिसार निवासी देविंदर चावला की तलाश है।