पंजाब जेल विभाग ने चार जेलों के दो सुपरिंटेंडेंट, एक डिप्टी सुपरिंटेंडेंट, एक सहायक सुपरिंटेंडेंट और एक हेड वार्डर को सस्पेंड कर दिया है। विभाग के प्रमुख सचिव आर. वेंकटरत्नम की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इन जेलों में कैदियों द्वारा मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए सोशल मीडिया पर कई तरह के वीडियो अपलोड किए जाने के मामले सामने आए थे।
पंजाब सरकार ने इन मामलों की जांच आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप को सौंपी थी जिनकी रिपोर्ट के आधार पर जेल विभाग ने यह कार्रवाई की है। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं। सस्पेंड किए गए सभी मुलाजिमों का मुख्यालय चंडीगढ़ स्थित एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ जेल बनाया गया है जहां नियमित तौर पर इन्हें हाजिरी देनी होगी।
प्रमुख सचिव ने संगरूर, रोपड़, मालेरकोटला और नाभा जेलों में कार्रवाई की है। इसके तहत संगरूर जिला जेल के सुपरिंटेंडेंट इकबाल सिंह बराड़, रोपड़ जिला जेल के सुपरिंटेंडेंट अमरीक सिंह, मालेरकोटला सब-जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट रुदमन सिंह, नाभा जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट जगतार सिंह और हेड वार्डर जसमिंदर सिंह के निलंबन आदेश जारी किए हैं।
संगरूर जेल से वायरल हुआ वीडियो :
इस संबंध में जारी पत्र में कहा गया है कि सबसे पहले जिला जेल संगरूर में 12 अक्तूबर 2018 को कैदियों द्वारा मोबाइल फोन के जरिए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया गया था। इस संबंध में सरकार की ओर से आईजी ओसीसीयू/इंटेलिजेंस को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया था।