ढाई से 9 साल की उम्र के पांच बच्चे एक साथ घर से गायब होने से हंड़कंप मचा हुआ था, लेकिन पुलिस ने उन्हें रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया और फिर सामने आया एक सच। मामला हरियाणा के रोहतक का है। पांचों बच्चे असम में रह रही नानी से मिलने की चाहत में घर से भागे थे। पांचों में तीन भाई-बहन हैं और दो लड़की की सहेलियां। शहर की जनता कॉलोनी में रहने वाली कक्षा छह की छात्रा मंगलवार दोपहर अपने भाई, बहन और पड़ोस की दो सहेलियों के साथ लापता हो गई। वे मुंबई से फिरोजपुर जा रही जनता एक्सप्रेस ट्रेन से असम जाना चाहते थे।
वे ट्रेन में सवार भी हो गए, लेकिन किसी वजह से जाखल रेलवे स्टेशन पर उतर गए। वहां पांचों बच्चों को देखकर लोगों को शक हुआ और उन्होंने आरपीएफ को इसकी जानकारी दी। उधर, एक साथ पांच बच्चों के लापता होने की जब पुलिस को शिकायत दी गई तो आनन-फानन में पुलिस ने भी खोजबीन शुरू की। आरपीएफ ने पांच लावारिस बच्चों के बारे में बताया तो पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। परिजनों ने बच्चों की पहचान कर ली और उन्हें परिवार को सौंप दिया गया। छात्रा के पास से 15 हजार रुपये और एक एंड्रायड फोन भी बरामद किया गया है।
नानी से मिलने के लिए निकले थे पांचों बच्चे
जनता कॉलोनी चौकी प्रभारी ने बताया कि ट्रेन में मिले पांचों बच्चों में सबसे बड़ी भूमिका (9) पुत्री कृष्ण कुमार ने बताया कि वह असम में रहने वाली अपनी नानी से मिलना चाहती थी। इसके लिए वह अपने भाई ढाई वर्षीय सुंदर, सात वर्षीय सोनू, पड़ोस में रहने वाली दो सहेलियों शशि (7) व स्नेहा (8) के साथ असम जाने के लिए रेलवे स्टेशन आई थी। इस दौरान रोहतक से गुजरने वाली मुंबई से फिरोजपुर जा रही जनता एक्सप्रेस में सभी सवार हो गए। ट्रेन के जाखल स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ के एएसआई राम खिलाड़ी मीना ने पांचों बच्चों को लावारिस हालत में पाया। पूछताछ में सभी ने अपने परिजनों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उनके परिजनों से संपर्क किया गया है।