पंचकूला हिंसा में आगजनी मामले में पांच आरोपियों को जिला अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। पांचों आरोपियों पर सेक्टर-5 थाना पुलिस ने जसविंद्र शर्मा की शिकायत पर बाइक व कारें जलाने, कैमरा छीनने, दंगा फैलाने, स्नैचिंग करने और सबूत मिटाने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
जिला अदालत ने गुरुवार को आरोपी भगवंत सिंह निवासी पटियाला, देवी दयाल निवासी पटियाला, जगजीत निवासी संगरूर, नाजर सिंह निवासी संगरूर, कस्तूरी लाल निवासी श्रीगंगानगर को बरी किया गया है। एडवोकेट मनोज गौड़ ने बताया कि जिला अदालत में पांचों आरोपियों के खिलाफ अभियोजन पक्ष की ओर से कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किया गया। इस कारण आरोपियों को बरी कर दिया गया है।
पांचों पर आरोप था कि उन्होंने पंचकूला हिंसा के दौरान प्रेस फोटोग्राफरों के कैमरे छीने थे। कैमरों के लेंस तोड़ने के साथ मोटरसाइकिलों और गाड़ियों में आग लगाई गई थी। आग लगने के बाद कई वाहन जलकर खाक हो गए थे। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश हुए गवाहों ने आरोपियों की पहचान नहीं की। अदालत ने पांचों को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से कोई भी पुख्ता प्रमाण पेश नहीं किए गए हैं। इस कारण आरोपियों को दोषमुक्त किया जाता है।
यह था मामला
25 अगस्त 2017 को सीबीआई की विशेष अदालत ने डेरामुखी राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिया था। दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला में डेरामुखी के समर्थकों ने हिंसा कर दी। हिंसा के दौरान आरोप है कि इन्होंने प्रेस फोटोग्राफरों के कैमरे छीने गए थे। इसके अलावा लोगों की बाइक और कारों को आग लगाकर जला दिया गया था। सेक्टर-5 थाने की पुलिस ने शिकायत के आधार पर तफ्तीश कर केस दर्ज किया था।