सुखना लेक में सोमवार को आधा दर्जन मछलियों की मौत हो गई। सूचना पाकर एनिमल हसबेंडरी के अधिकारियों ने जांच की। हालांकि, उनके सैंपल जांच के लिए नहीं भेजे गए। डिपार्टमेंट का कहना है कि ठंड में अक्सर मछलियां मर जाती हैं। चंडीगढ़ में कई साल बाद दिन में इतनी ठंड पड़ रही है। पिछले साल भी कुछ मछलियां मरी थीं।
दस किमी के दायरे में पोल्ट्री फार्मों से भरेंगे सैंपल
सुखना लेक की बतख में बर्ड फ्लू कंफर्म होने के बाद केंद्र सरकार और चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। सोमवार को सुखना के आइसलैंड को मुख्य केंद्र मानकर 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले पोल्ट्री फार्म से सैंपल भरने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इसमें हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व चंडीगढ़ के पोल्ट्री फार्म आते हैं। जो बड़े पोल्ट्री फार्म हैं, वहां से 10-10 और छोटे पोल्ट्री फार्म से पांच-पांच सैंपल भरकर जालंधर की लैब में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी तरफ सुखना के पानी की जांच के लिए सैंपल लेने के लिए भोपाल लैब की टीम मंगलवार को चंडीगढ़ आएगी।
5400 लोगों की हुई हेल्थ स्क्रीनिंग
हेल्थ विभाग की ओर से सुखना के आसपास के एरिए में रहने वाले लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग काफी तेजी से चलाई जा रही है। सोमवार तक 5400 लोगों की जांच की जा चुकी थी। यह हेल्थ सर्वे 28 दिसंबर तक रेगुलर चलना है।
बतखों को मारने वाली टीम में शामिल सभी लोगों को रोजाना उनके घर पर ही दवा खिलाई जा रही है। श्रीपाल को छोड़कर सभी कर्मचारी पूरी तरह से ठीक हैं।
पंजाब राजभवन और सड़कों पर छिड़काव
नगर निगम के कर्मचारियों ने सोमवार को पंजाब राजभवन के सामने और सुखना के सामने बने मकानों के आगे वाली सड़कों पर चूने का छिड़काव किया।
प्रशासन का कहना है कि सुखना के आसपास सभी एरिया को अच्छी तरफ साफ किया जा रहा है, ताकि वायरस की कोई गुंजाइश न रहे। सुखना के जॉगिंग ट्रैक, सामने वाली सड़क, पार्किंग व हरियाणा राजभवन में पहले ही चूना डाला जा चुका था।
स्वास्थ्य विभाग ने डीसी को पत्र भेजकर मांग की
बर्ड फ्लू प्रभावित सुखना के तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों को बंद करने पर विचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की सोमवार को हुई बैठक में अधिकारियों ने इसका प्रस्ताव दिया। अधिकारियों ने कहा कि बर्ड फ्लू को लेकर किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहिए।
इन क्षेत्र में खुले स्कूलों को एहतियातन बंद कर देना चाहिए। हालांकि स्कूलों को बंद करने का अधिकार उपायुक्त के पास है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने डीसी को इस संबंध में पत्र भेजा है।
हालांकि यूटी के सरकारी स्कूल में मंगलवार से छुट्टी की घोषणा कर दी गई है। कुछ प्राइवेट अब भी खुले हुए हैं। इन स्कूलों के प्रशासन को सोमवार तक बंद करने का आदेश नहीं जारी किया गया था। बर्ड फ्लू प्रभावित एरिया में पड़ने प्रमुख स्कूलों में सेंट कबीर, स्ट्राबेरी, सेंट जोंस, सेक्रेड हार्ट शामिल हैं।
प्रभावित क्षेत्र के लिए गाइडलाइन
बर्ड्स, पोल्ट्री फार्म व जंगली पक्षियों से सीधे संपर्क से बचें। आपके घर के आसपास जहां पक्षी बैठते हों उसे न छुएं।पोल्टी फार्म व बर्ड्स मार्केट जाने से बचें।अच्छी तरह से पकाए गए मीट को खाएं।अंडे की जरदी को बहने या छलकने न दें।मीट को कम से कम 30 मिनट तक 70 डिग्री के तापमान पर पकाएं।
इन टिप्स को भी जरूर फोलो करें
हाथ को साबुन और साफ पानी अच्छी तरह से धोएं। इससे कीटाणु नहीं फैलेंगे।एल्कोहल बेस्ड हैंडवाश का इस्तेमाल करें।जुकाम-खांसी होने पर मुंह ढक कर रखें। टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें ।यदि ये लक्षण मिलें तो अधिकारियों से संपर्क करें
100.4 डिग्री फीवर।नाक बह रही हो।गले में खराबी हो।शरीर में दर्द होबैचेनी हो।डायरिया के लक्षण हो।सांस लेने में दिक्कत हो।सुखना लेक पर बीते दस दिन के भीतर बतखों के संपर्क में आए हो।(ये एडवाइजरी लेक से तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले लोगों के लिए जारी हुई है। दरअसल वायरस हवा में ट्रेवल करता है, इसलिए प्रशासन एहतियातन यह कदम उठा रहा है।)
तीन किलोमीटर की जद में आते हैं ये एरिया
सेक्टर एक से लेकर सेक्टर 11, किशनगढ़, गोल्फ क्लब, कैंबवाला, नया गांव, आईटी पार्क व सेक्टर 26 का कुछ एरिया।
बतखों को मारने वाले 40 कर्मियों को छुट्टी पर भेजा
सुखना लेक पर बतखों को मारने के लिए चलाए गए आपरेशन में शामिल 40 कर्मियों को दस दिन की छुट्टी पर भेज दिया गया है। इन कर्मियों को विशेष तौर पर निर्देश दिया गया है कि वे अपने घर पर ही रहे। लोगों से ज्यादा न मिले। यदि बुखार के साथ सांस लेने में दिक्कत आए तो तुरंत सूचना दें।
डाक्टर लगातार इन लोगों के संपर्क में है। शनिवार को भी उन्हें चेक किया गया और उन्हें वैक्सीन भी दी गई है। डाक्टरों ने बताया है कि आपरेशन में 40 कर्मियों ने हिस्सा लिया था।
इनमें वाइल्ड लाइफ, स्वास्थ्य कर्मी, नगर निगम, सीपीडीओ, एनिमल हसबेंडरी के लोग शामिल थे। केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक जो लोग इसमें शामिल थे, उनके लिए खास तौर पर एहतियात बरतनी होगी।
ये है बर्ड फ्लू का पूरा मामला
सुखना लेक पर अचानक 25 बतखों की मौत हो गई थी। पहले जालंधर लैब ने मौत की वजह भूख और ठंड बताया था मगर इनमें से भोपाल लैब भेज गए एक सैंपल में एच5एन1 (बर्ड फ्लू) वायरस की पुष्टि हुई। यह रिपोर्ट आने के बाद वीरवार को सुखना लेक पर बची सभी बतखों को मार कर जला दिया गया।
स्वास्थ्य कर्मियों में भी हड़कंप
वर्ल्ड फ्लू के नाम से ही जनरल अस्पताल में दहशत है। अस्पताल के सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने मास्क पहन रखा था। वहीं अस्पताल में मरीजों के साथ पहुंचे तीमारदार भी आइशोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज के लिए चिंतित दिखे। हॉलाकि वार्ड के अंदर मरीज की जांच के लिए जाने वाले डॉक्टर भी शतर्क थे। सभी एक दूसरे को मास्क पहने की सलाह देते नजर आए।