चंडीगढ़। डेंगू से बचाव के लिए पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग ने सेक्टर-26 स्थित बटरफ्लाई पार्क के तालाब में गंबूजिया मछलियां छोड़ी हैं। यह मछली डेंगू मच्छर के लार्वा को नष्ट करती है, जिससे डेंगू के साथ अन्य मच्छरों के प्रकोप को फैलने से रोका जा सकता है।
मछली छोड़ने के मौके पर प्रशासन के उप वन संरक्षक डॉ. अब्दुल कयूम, पशु और मत्स्य पालन विभाग की निदेशक पालिका अरोड़ा, विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. कंवरजीत सिंह व अन्य उपस्थित रहे। पालिका अरोड़ा ने बताया कि जो मछलियां छोड़ी गई हैं, उनका उत्पादन सुखना लेक के रेगुलेटरी एंड के पास फिश सीड फॉर्म में किया गया है। विभाग अप्रैल से सितंबर तक इनका उत्पादन करता है और फिर आवश्यकता के अनुसार अक्तूबर से इन्हें विभिन्न जलाशयों में छोड़ा जाता है। उन्होंने बताया कि उत्तरी क्षेत्र में चंडीगढ़ का ये सरकारी फिश सीड फार्म, एकमात्र ऐसा फार्म है जो दुर्लभ मछलियों का प्रजनन करता है और मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए मुफ्त आपूर्ति करता है। बताया कि गंबूजिया मछलियों को मलेरिया और डेंगू बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए जाना जाता है। आने वाले दिनों में शहर की अन्य वाटर बॉडीज में भी इन मछलियों को छोड़ा जाएगा। बता दें कि विशेष प्रजाति के गंबूजिया मछली काफी छोटी होती है। यह मछली बहुत तेजी से प्रजनन करती है और एक दिन में 200 से 300 मच्छरों के लारवा को खा लेती है।