यूटी के चुनाव विभाग ने फर्स्ट टाइम वोटर्स को मतदान करने के तुरंत बाद मतदान में हिस्सा लेने का सर्टिफिकेट देने की बात कही थी। लेकिन, बीस दिन से ज्यादा बीत गए अभी तक फर्स्ट टाइम वोटर्स को सर्टिफिकेट नहीं मिले।
दूसरी ओर बुधवार को मोहाली में फर्स्ट टाइम वोटर्स को मतदान के तुरंत बाद ही बुधवार को सर्टिफिकेट दे दिए गए। ऐसे में यूटी के अफसर मोहाली के अधिकारियों की तुलना में ढीले और फिसड्डी साबित हुए।
प्रशासन के चुनाव विभाग ने यह भी घोषणा की थी कि सभी फर्स्ट टाइम वोटर्स को वीआईपी ट्रीटमेंट मिलेगा। लेकिन मतदान करने के बाद न उन्हें सर्टिफिकेट मिले और न ही उनका नाम कहीं डिस्पले किया गया।
चुनाव विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सर्टिफिकेट का डिजाइन तो तैयार कर लिया है मगर यह तय किया जाना बाकी है कि सर्टिफिकेट कैसे दिया जाए। चुनाव विभाग सिर्फ 18 से 19 साल के ही फर्स्ट टाइम वोटर्स को सर्टिफिकेट देगा। ऐसे वोटर्स की संख्या 19 हजार से ज्यादा है।
पहले यह तय हुआ था कि 18 से 21 साल के फर्स्ट टाइम वोटर्स को सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। बाद में इस आयु वर्ग के फर्स्ट टाइम वोटर्स की संख्या ज्यादा होने के कारण यह तय हुआ कि सिर्फ 18 से 19 साल के ही फर्स्ट टाइम वोटर्स को मतदान करने संबंधी सर्टिफिकेट दिए जाएंगे।
कोट्स
सभी फर्स्ट टाइम वोटर्स का डाटा एकत्र कर लिया गया है। या तो फर्स्ट टाइम वोटर्स को सर्टिफिकेट ब्लाक लेवल अधिकारी उनके घर पहुंचाएंगे या किसी समारोह में उन्हें बुलाकर सर्टिफिकेट दे दिए जाएंगे।
-तिलक राज, ज्वाइंट चीफ इलेक्टोरल अफसर, यूटी