हरियाणा को बने 50 साल हो गए हैं, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ जब यह धरती आरक्षण की आग में जली, वो भी इतनी भयावह।
कभी ऐसा नहीं हुआ था कि प्रदेश का कोई जिला इस तरह से जल रहा हो। लेकिन अब केवल रोहतक ही नहीं, बल्कि कई जिले जलने शुरू हो गए हैं। इसमें सबसे बड़ा दर्द यह हो रहा है कि भाईचारा पूरी तरह से खत्म हो रहा है।
पंजाब से अलग हुए हरियाणा को 50 साल होने वाले हैं। चंद महीने बाद ही सरकार धूमधाम से स्वर्ण जयंती मनाने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही हरियाणा जल उठा। प्रदेश के गठन से अब तक इस तरह की गृहयुद्ध सी स्थिति पहले कभी नहीं रही।
ऐसा नहीं है कि आंदोलन पहले नहीं हुए हैं, बल्कि यहां आरक्षण के लिए ही कई बार बड़े आंदोलन हुए। प्रदेश में वर्ष 2010, 2012 के आंदोलन भी हुए हैं। इनकी अगुवाई जाटों के कई बड़े आंदोलनकारियों ने की लेकिन उस समय भी इस तरह का उपद्रव नहीं हुआ।