अमृतसर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उमीदवार पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो पाकिस्तान के साथ जंग छिड़ सकती है जिसका खामियाजा पंजाब को ही भुगतना पड़ेगा। वे मानते हैं कि पाकिस्तान के साथ जंग में सबसे ज़्यादा नुकसान पंजाब का और खासकर सीमांत क्षेत्रों के व्यापारी वर्ग का होगा।
अमृतसर से 35 किलोमीटर दूर पाकिस्तान की सीमा से सटे गांव बची में अपनी जनसभा से पहले अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के लोग पहले भी दो बार 1965 और 1971 में पाकिसतान के साथ जंग झेल चुके हैं लेकिन अब समय बदल गया है। दोनों देशों के लोग प्यार भाव से रहना चाहते हैं।
दरअसल अमरिंदर सिंह ने भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार बढ़ाना अपना चुनावी मुद्दा बना रखा है और वे अपनी जन सभाओं में भाजपा के नेताओं द्वारा पाकिस्तान को सबक सिखाए जाने की धमकियों पर पलट वार कर रहे हैं।
तीखे सवालों पर सुनिए कैप्टन के जवाब
आप इस चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा किसे मानते हैं और क्यों?
वैसे तो ड्रग्स का मुद्दा सबसे बड़ा है लेकिन यहां के लोगों के लिए तो सबसे बड़ा मुद्दा है उनका व्यापार और आर्थिक स्थिति है। शहर के व्यापारी पाकिस्तान के साथ व्यापार बढ़ाने के पक्ष में हैं और कांग्रेस की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के प्रयासों से दोनों देशों में व्यापार काफी बढ़ा है लेकिन जब भी दोनों देशों के बीच तनाव पैदा होता है या जंग होती है तो सबसे ज़्यादा नुकसान अमृतसर और दूसरे सीमावर्ती क्षेत्रों में होता है।
भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ऐसा प्रभाव दे रहे हैं कि अगर वे सत्ता में आए तो पाकिस्तान के साथ जंग हो सकती है। इस बात को लेकर अमृतसर के लोग चिंतित हैं। कारगिल की की जंग में 500 से ज़्यादा पंजाब के फौजी शहीद हुए जब कि उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और बादल बस में सवार होकर लाहौर गए थे।
ड्रग्स को लेकर अकाली दल कांग्रेस नेताओं पर भी दोष मढ़ रहा है। आप का क्या कहना है?
- यह बात किसी से छिपी नहीं कि ड्रग तस्कर भोला ने अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को ड्रग कारोबार का सरगना बताया था। इस बात को तो जेटली ने भी माना है कि पंजाब में सिंथेटिक ड्रग्स बनते रहे हैं। ड्रग्स पाकिस्तान से भी आते हैं। मध्य प्रदेश और राजस्थान से भी आते हैं लेकिन सबसे ज़्यादा ख़तरनाक सिंथेटिक ड्रग्स का उत्पाद अकाली दल के नेता ही करवा रहे हैं। यह कैसे हो सकता है कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को इसकी जानकारी न हो। उनका बेटा तो गृह मंत्री भी है।
सिद्धू के प्रचार में न उतरने का फायदा आपको होगा?
क्या भाजपा के सांसद नवजोत सिंह सिद्धू के चुनाव प्रचार में न उतरने का फायदा आपको होगा?
ऐसा लगता है। क्योंकि यहां भाजपा का एक बड़ा वर्ग नवजोत सिद्धू के साथ जुड़ा था और वह इस बात से नाराज़ है के सिद्धू को टिकट नहीं मिला। जेटली भी इस बात से काफी परेशान हैं। यह तो अकालियों ने जेटली को चक्रव्यूह में फंसा दिया। अगर उन्हें पता होता कि जमीनी सच्चाई क्या है तो वे कभी अमृतसर से चुनाव न लड़ते। बादल कभी सच नहीं बोलते, यह बात जेटली को पता नहीं थी।
आपके अमृतसर के लिए क्या प्रस्ताव हैं?
- मेरा तो सपना है कि अमृतसर से सेंट्रल एशिया और मिडिल ईस्ट के देशों को व्यापार के रास्ते खुलें। हमारी सरकार ने कोशिश की लेकिन बहुत कामयाबी नहीं मिली। पाकिस्तान में ट्रेड भारत के मुकाबले कमजोर है। उसे डर था कि भारत उनका ट्रेड खत्म न कर दे। मेरी कोशिश होगी कि अमृतसर और भारत में रोज मालगाड़ी चले। अभी लगभग 500 आइटम हैं जो भारत से पाकिस्तान जा रहे हैं। यह शहर सिख गुरुओं ने बसाया लेकिन गंदगी देखकर रोना आता है। मैंने 2006 में अमृतसर का डेवलपमेंट प्लान तैयार कराया था लेकिन उस पर बाद में काम नहीं हुआ।
अमृतसर की सीट जीतने का क्या महत्व है?
आप अमृतसर से बाहर कहीं चुनाव प्रचार के लिए नहीं जा पा रहे हैं। क्या कारण है?
- मेरा हलका बहुत बड़ा है और अमृतसर की सीट जीतना महत्वपूर्ण है। अभी पटियाला और आनंदपुर साहिब गया था लेकिन अभी यही रहकर प्रचार करूंगा।
आपके लिए अमृतसर की सीट जीतने का क्या महत्व है?
- अमृतसर सीट का नतीज़ा पंजाब के भविष्य की राजनीति तय करेगा। लोगों को मुझसे बहुत उमीद है इसलिए मुझे विश्वास है कि मैं जीत हासिल करूंगा।
बहुत से कांग्रेस विधायक और नेता अकाली दल में चले गए तो उसका क्या फर्क पड़ेगा आपको?
- इसका कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा। बहुत से अकाली नेता कांग्रेस में भी आ रहे हैं।
क्या आपको पंजाब में मोदी लहर का असर नज़र आता है?
- पंजाब में तो नहीं है, बाहर का मुझे पता नहीं। पंजाब में सरकार के खिलाफ रोष है।