चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना के संपूर्ण जीनोमिक जांचने के लिए भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट चिंताजनक है। नई दिल्ली एनसीडीसी लैब भेजे गए 35 नमूनों में 33 में डेल्टा वेरिएंट (बी.1.617.2) और एक में डेल्टा प्लस वेरिएंट (एवाई.1) मिला है। वहीं एक मरीज में अल्फा वेरिएंट (बी.1.1.1.7) पाया गया है। विभाग ने सभी को सलाह दी है कि इसके लिए टीकाकरण करवाएं। साथ ही मास्क लगाएं और शारीरिक दूरी का पालन करें।
विकास नगर मौली-जागरां निवासी 35 वर्षीय व्यक्ति का कोरोना नमूना 22 मई को लिया गया, जिसमें डेल्टा प्लस वेरिएंट मिला है। इस वेरिएंट ने फेफड़ों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाया। साथ ही शरीर की एंटीबॉडीज को कम किया। इसी तरह मई में संक्रमित चार उच्च जोखिम वाले पारिवारिक संपर्कों के भी नमूने लिए गए थे जो जांच को भेजे गए थे। उनको हल्की बीमारी थी। वह बिना अस्पताल गए ही पूरी तरह से ठीक हो गए थे। उनको किसी को भी टीका नहीं लगा था। विभाग ने जून में 29 नमूने लिए थे।
देश में डेल्टा प्लस के 52 केस, तीन की हुई है मौत
भारत में डेल्टा प्लस के 52 मामले सामने आए हैं जिनमें तीन की मौत हुई है। सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश में सामने आए हैं। तीनों राज्यों में कुल केसों का लगभग 70 फीसदी हिस्सा है। चिकित्सकों का मानना है कि डेल्टा प्लस वायरस खतरनाक है। इसमें वृद्धि नहीं होने देनी है। इसके लिए सभी लोग जागरुक रहें। मास्क हर हाल में लगाएं और टीका जरूर लगवाएं। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।