भारतीय रेलवे ने कोरोना काल में भी कीर्तिमान रच दिया है। रेल डिवीजन फिरोजपुर ने पिछले छह माह में लंबित कार्यों को पूरा कर लिया है। वहीं कई सेक्शनों ने विद्युतीकरण का काम भी पूरा कर लिया है। कोरोना महामारी से निपटने के लिए डिवीजन में 214 आइसोलेशन वार्ड स्थापित करने के अलावा कई रेलगाड़ियों के कोचों को भी आइसोलेशन वार्ड में तब्दील किया गया है।
इसके अलावा कटरा-बनिहाल के बीच बिछ रही रेल लाइन के काम में भी तेजी आई है। यह जानकारी रेल डिवीजन फिरोजपुर के डीआरएम राजेश अग्रवाल ने वीडियो प्रेसवार्ता के दौरान दी है।रेल डिवीजन फिरोजपुर के सभी विभागों के अधिकारियों ने कोरोना महामारी के दौरान विकास कार्यों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। डीआरएम अग्रवाल ने कहा कि कोरोना काल में पुरानी रेल पटरी को उखाड़ नई बिछाई गई है।
कई सेक्शनों का विद्युतीकरण किया गया। दिल्ली से लुधियाना के बीच 130 किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेन चलाने की स्वीकृति मिल चुकी है। उक्त सेक्शन पर कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। रेल डिवीजन फिरोजपुर ने कोविड-19 के छह माह के दौरान मालगाड़ियों से करोड़ों रुपये की आमदनी की है। कोरोना के दौरान पांच लाख मजदूरों को स्पेशल ट्रेनों से घर पहुंचाया गया।
नहीं रुका कटरा-बनिहाल रेल लाइन का काम: सीईओ
जम्मू-कश्मीर के बीच बिछाई जा रही रेल लाइन के प्रोजेक्ट के सीईओ विजय शर्मा ने बताया कि उधमपुर, कटरा, बनिहाल, कांजीकुंड व बारामुल्ला तक 161 किमी रेल पटरी बिछा दी गई है। 111 किलोमीटर का भाग बचा है। इस भाग पर काम करना चुनौतीपूर्ण है। ये कार्य दिसंबर 2022 तक पूरा करना है। इस प्रोजेक्ट में सुरंगों की लंबाई लगभग 163 किलोमीटर है। 126 किलोमीटर सुरंगों की लंबाई पूरी कर ली गई है। 37 पुल हैं इनमें से बीस पुल बनाए जा चुके हैं। इस प्रोजेक्ट का सबसे खतरनाक पुल चिनाब नदी पर बन रहा है।