रोजपुर लोकसभा हलके का ज्यादातर इलाका पाकिस्तान की सीमा से सटा है। यह हलका सतलुज दरिया व नहरों से घिरा हुआ है। यहां पर पिछले लगभग 27 साल से शिरोमणि अकाली दल का कब्जा है। सुखबीर बादल ने शिरोमणि अकाली दल के गढ़ को बरकरार रखने के लिए स्वर्गीय सांसद जोरा सिंह मान के बेटे नरदेव सिंह मान को चुनाव मैदान में उतारा है।
मान पर दो-दो जिम्मेदारी आ पड़ी है, एक तो पिता की खोई हुई सियासी पैठ को बनाए रखना है और दूसरा सीट पर पार्टी के कब्जे को बचाना है। कुछ दिनों में फिरोजपुर सीट के समीकरण बदले हैं, भाजपा के एक सीनियर नेता अपनी पार्टी से नाराज होकर आप में शामिल होने जा रहे हैं।
अकाली-भाजपा गठबंधन टूटने से दोनों पार्टियों को नुकसान हो सकती है। यहां की सारी राजनीति राय सिख बिरादरी के इर्द-गिर्द घूम रही है। नशा, बेरोजगारी व किसानी जैसे मुद्दों पर लोग सभी पार्टियों को घेर रहे हैं। यहां मतदाताओं की संख्या 16,70,008 है। सबसे अधिक मतदाता राय सिख बिरादरी के हैं।
इस बार शिअद, आप, बसपा, शिअद (अ) और भाजपा ने राय सिख बिरादरी के किसी भी व्यक्ति को टिकट देकर चुनाव मैदान में नहीं उतारा है। इस बात का बिरादरी के लोगों ने विरोध भी किया है। सिर्फ कांग्रेस ने इस बिरादरी से संबंधित शेर सिंह घुबाया को टिकट दिया है। घुबाया अकाली दल से दो बार सांसद और दो बार विधायक भी रह चुके हैं।