जयनगर से अमृतसर जाने वाली सरयू-यमुना एक्सप्रेस ट्रेन (14649) जालंधर में बर्निंग ट्रेन बन गई। ट्रेन की तीन बोगियां जलकर खाक हो गई। ट्रेन देर रात करीब 11 बजे जालंधर पहुंची और 11.10 मिनट पर करतारपुर स्टेशन के पहंची तो S1, S2 व S3 कोच में आग लग गई।
आग लगने की सूचना पर आनन-फानन में दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाने पर जुट गईं। हालांकि तब तक आग ने विकराल रूप धारणकर लिया था। आग लगने के कारणों का खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। वहीं आग लगने से हुए नुकसान का भी अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। बताया जा रहा है कि आग सबसे पहले S-2 बोगी में लगी और फिर उसने 2 अन्य बोगियों को अपनी चपेट में ले लिया।
फोरेंसिक टीम ने की जले डिब्बों की जांच, कई वस्तुओं को किया सील
सरयू-यमुना एक्सप्रेस ट्रेन में बुधवार रात को लगी आग से जले हुए तीनों डिब्बों को करतारपुर रेलवे स्टेशन पर खड़ा किया गया है। गुरुवार को फोरेंसिक टीम ने डिब्बों का निरीक्षण करते हुए तमाम वस्तुओं को सील कर दिया, जिसकी जांच अब चंडीगढ़ में होगी। फोरेंसिक टीम के इंस्पेक्टर जसविंदर, एएसआई प्रेमनाथ, एचसी सतपाल और कांस्टेबल हरदीप सिंह मौजूद थे।
जयनगर (बिहार) से अमृतसर के लिए चलने वाले सरयू-यमुना एक्सप्रेस ट्रेन के तीन डिब्बों में बुधवार रात को आग लगने से अफरातफरी मच गई थी। ट्रेन जालंधर से होकर करतारपुर पहुंची तो सबसे पहले स्लीपर कोच एस-2 में आग लगी थी। इसके बाद साथ लगे डिब्बों एस-1 और एस-3 डिब्बों में भयंकर आग लग चुकी थी। इन तीनों डिब्बों में करीब 120 यात्री सवार थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद फॉयर ब्रिगेड की टीम, जीआरपी, रेलवे मुलाजिमों ने मिलकर आग पर काबू पाया था।
भोड़वाल माजरी स्टेशन के पास ट्रेन से टकराई गाय, प्रेशर पाइप टूटा
उधर, हरियाणा के पानीपत में दिल्ली से अंबाला जा रही पश्चिम एक्सप्रेस बुधवार दोपहर को जब गन्नौर व समालखा के बीच भोड़वाल माजरी स्टेशन के पास पहुंची तो ट्रैक पर एक गाय आ गई। लोको पायलट ने गाय को बचाने के लिए प्रेशर ब्रेक भी लगाई लेकिन गाय को बचाया नहीं जा सका।
इस दौरान ट्रेन का प्रेशर पाइप तक टूट गया। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी के हताहत व घायल होने की सूचना नहीं मिल सकी। इसके बाद ट्रेन को धीमे गति से चलाते मुश्किल से पानीपत स्टेशन तक पहुंचाया गया। पश्चिम एक्सप्रेस में सवार यात्रियों ने बताया कि दोपहर जब ट्रेन गन्नौर से निकलकर समालखा की तरफ जा रही थी तो ट्रेन के अचानक से ब्रेक लगे। ट्रेन रूकने के बाद जब यात्री नीचे उतरे तो पता चला कि ट्रेन के सामने ट्रैक पर गाय आ गई थी।
पायलट ने गाय को बचाने के लिए प्रेशर ब्रेक भी लगाए लेकिन गाय को बचाने की कोशिश नाकाम साबित रही। इसके बाद ट्रेन का प्रेशर पाइप तक टूट गया। इससे ट्रेन करीब आधे घंटे तक वहीं खड़ी रही। वहीं रेल अधिकारियों ने आपस में संपर्क बनाया व ट्रेन को धीमी गति से पानीपत स्टेशन पर लाया गया।