उन्होंने अपने बेटे मनीष चावला, बहु आयुषी चावला, पोते और पोती को नींद से जगाया। वह नीचे बाहर जाने लगे तो आग ने रास्ता पूरी तरह से अपने कब्जे में ले रखा था। वह फिर से ऊपर गए। उन्होंने ऊपर से चिल्लाना शुरू किया तो फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने गली की तरफ से सीढ़ी लगाई। इससे बारी-बारी सब लोग नीचे उतरे। घर के सभी सदस्य नीचे उतर गए लेकिन चरणजीत की पत्नी हर्ष चावला के बारे में किसी को कुछ पता ही नहीं था।
वह बाथरूम में नहाने के लिए गई हुई थी। जब सब नीचे आ गए तो सब उनका पता करने लगे। पता चलने के बाद फायर ब्रिगेड के मुलाजिम अंदर गए और बाथरूम का दरवाजा किसी तरह से खोला। अंदर हर्ष चावला गिरी हुई थीं। वह उन्हें किसी तरह से नीचे लाए और अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आग की वजह से चरणजीत की पूरी दुकान, गोदाम फैक्ट्री के साथ-साथ अंदर पड़े दो एक्टिवा, बाइक और घर का सारा सामान जलकर बुरी तरह से राख हो गया। फायर अफसर सृष्टि नाथ शर्मा ने बताया कि करीब 30 गाड़ियां पानी डालकर काबू पाया गया। थाना डिवीजन चार के एसएचओ इंस्पेक्टर सतवंत सिंह ने बताया कि हर्ष चावला का शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। परिजनों के बयान लिखवाने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।