हरसिमरत केंद्र पर दबाव डालें या इस्तीफा दें : कैप्टन
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल पर बरसते हुए कहा कि वह (हरसिमरत) राज्य को जांच वापस सौंपने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव डालें या फिर इस्तीफा दे दें। उन्होंने हरसिमरत कौर को याद दिलाया कि सीबीआई से जांच वापस लेने के लिए विधानसभा में आपसी सहमति के साथ लिए फैसले में उनकी पार्टी (शिअद) भी शामिल थी। जब वह (हरसिमरत) सिख अधिकारों और भावनाओं के रक्षक बनते हैं तो निष्पक्ष जांच के लिए बरगाड़ी मामलों की जांच केंद्र सरकार से वापस लेकर पंजाब पुलिस को सौंपने के लिए संघर्ष करके अपनी विश्वसनीयता साबित करें।
सीबीआई को जांच जारी रखने का कानूनी अधिकार नहीं : एजी
पंजाब के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा ने कहा है कि राज्य सरकार अदालत में सीबीआई के फैसले के खिलाफ इस आधार पर केस लड़ रही है कि जब 6 सितंबर को दिल्ली पुलिस एस्टेबलिशमेंट एक्ट की धारा 6 के तहत एक बार अपनी सहमति वापस ले ली गई तो सीबीआई को जांच जारी रखने का कोई अधिकार नहीं है।
सीबीआई कानून के अनुसार पाबंद है कि हमें सभी कागजात सौंप दे, जैसा कि विधानसभा ने चाहा है और हमारी एसआईटी को पूरा मामला अपने हाथों में ले लेना चाहिये, ताकि वह आगे काम कर सकें, जो सीबीआई ने तीन वर्षों में नहीं किया। राज्य पुलिस थोड़े समय में ही नतीजे निकालने में समर्थ है। अदालत में अगली सुनवाई 30 अक्तूबर को है।
सीबीआई का बरगाड़ी की दोबारा जांच करना विधानसभा का अपमान : रंधावा
सीबीआई द्वारा नई जांच के जरिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं की दोबारा जांच करने के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पंजाब के सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा है कि यह फैसला पंजाब विधानसभा की सीधे तौर पर मानहानि है, जहां सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करके इस मामले की जांच सीबीआई से वापस ले ली गई थी।