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Chandigarh: शराब फैक्टरी में भीषण आग, काम कर रहे कर्मचारियों ने भागकर बचाई जान, तीन झुलसे

Thu, 27 Oct 2022 03:39 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

आग की चपेट में आने से चार लोग घायल हो गए हैं। सभी को सेक्टर 32 अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
 
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शराब फैक्टरी में लगी आग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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चंडीगढ़ औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 स्थित एक शराब फैक्टरी में गुरुवार दोपहर अचानक आग लग गई। फैक्टरी में ज्वलनशील पदार्थ होने से आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। हादसे के वक्त तीन मंजिला फैक्टरी में 60 से 70 कर्मचारी काम कर रहे थे, जिन्होंने भागकर जान बचाई। इस बीच तीन कर्मचारी आग में फंसकर झुलस गए लेकिन उन्हें बचा लिया गया। तीनों को जीएमसीएच-32 में भर्ती कराया गया। उधर, आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की 16 गाड़ियां जुटी रहीं लेकिन देर रात तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका था।

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औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 के प्लॉट नंबर-91 स्थित बत्रा ब्रुअरीज एंड डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड नामक शराब फैक्टरी में दोपहर करीब पौने दो बजे आग लग गई। आग लगने से आसपास के एरिया में धुएं का गुबार फैल गया। पुलिस ने फैक्टरी के आगे की गुजरनी वाले रास्ते को बंद कर दिया ताकि आग बुझाने में कोई समस्या न आए। सूचना पर एसडीएम, डीएसपी पलक गोयल और इंडस्ट्रियल एरिया थाना प्रभारी राम रत्न शर्मा मौके पर पहुंचे।
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सिविल डिफेंस की टीम भी दमकल विभाग की मदद के लिए साथ में जुटी गई। आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की हाइड्रोलिक मशीन की भी मदद ली गई। देर रात 10 बजे तक दमकल की गाड़ियों ने 45 चक्कर लगा लिए थे लेकिन आग नहीं बुझी थी। 16 गाड़ियों में 13 गाड़ियां चंडीगढ़, एक मोहाली, एक पंचकूला और एक एयरफोर्स की थी। फिलहाल आग लगने का कारण और नुकसान का अभी पता नहीं चल पाया है।



पंचकूला और एयरफोर्स स्टेशन से भी मंगानी पड़ी दमकल की गाड़ियां 
आग फैक्ट्री के भूमि तल से शुरू हुई और देखते-देखते तीनों तल पर फैल गई। सबसे पहले औद्योगिक क्षेत्री स्थित फायर स्टेशन से गाड़ियां मौके पर पहुंचीं लेकिन आग इतना विकराल रूप ले चुकी थी कि सभी फायर स्टेशनों से गाड़ियां बुलानी पड़ीं। दमकल विभाग की हाइड्रोलिक मशीन की मदद से तीसरी मंजिल पर पानी की बौछारें मारी गईं लेकिन आग की लपटें कम नहीं हुईं। इसके बाद पंचकूला दमकल विभाग और एयरफोर्स स्टेशन से भी आग बुझाने के लिए दमकल की गाड़ियां बुलानी पड़ीं। पानी में केमिकल डालकर भी बौछारें की गईं लेकिन फिर भी आग कम नहीं हुई।

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चार घंटे बाद लोहे की टीन तोड़कर की पानी की बौछार
शराब फैक्टरी के साथ लगने वाली दोनों फैक्ट्रियों के अंदर गाड़ियां लगाकर पानी की बौछार की गई। शाम करीब छह बजे जेसीबी मशीन बुलाई गई। जेसीबी से फैक्टरी की लेफ्ट साइड में दीवार के ऊपर लगी लोहे की टीन को तोड़ा गया ताकि पानी की बौछार सीधे तीसरी मंजिल पर मारी जा सके। इससे पहले टीन के कारण सीधी तीसरी मंजिल पर पानी की बौछार ठीक से नहीं जा रही थी। आग इतनी भयावह थी कि फैक्ट्री लगी लोहे की छड़ें तक पिघल गईं।

शराब की बोतलों की टूटने की आती रही आवाज
बताया गया कि फैक्टरी में शराब की पैकिंग होती है। आग जब शराब की पेटियों तक पहुंची तो कांच की बोतलें तेज-तेज आवाज कर टूटने लगीं। आग की लपटें फैक्टरी के बाहर तक आ रही थीं। फैक्टरी के मालिक सेक्टर-18 निवासी नीरज बत्रा खुद आग बुझाने में दमकल विभाग के साथ जुटे रहे। उन्होंने इस मामले में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। 

दो घायलों को अस्पताल से मिली छुट्टी, एक भर्ती
आग की चपेट में आने वाले कर्मचारियों की पहचान 40 वर्षीय भानामती, 40 वर्षीय विश्वनाथ शर्मा और 60 वर्षीय बुजुर्ग कंचन के रूप मेें हुई। तीनों को जीएमसीएच-32 में भर्ती कराया गया। इनमें से विश्वनाथ शर्मा 25 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। उन्हें इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है जबकि अन्य दोनों घायलों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। 

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