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Pics: जान बचाने को अपनाया ये रास्ता ले गया मौत तक, रुला देगी तीन छात्राओं की ये आखिरी कहानी

Sun, 23 Feb 2020 09:16 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ में शनिवार को हुए दर्दनाक हादसे में तीन छात्राओं की जान चली गई। सभी के घरों में कोहराम मचा हुआ है। तो वहीं दो छात्राओं ने छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। तीनों छात्राओं ने भी बचने के उपाय किए। लेकिन बचने का रास्ता ही उन्हें मौत तक ले गया। ये छात्राएं लपटों से घिरी थीं और धुएं से दम भी घुट रहा था। पढ़ें दर्दनाक हादसे का पूरा घटनाक्रम....
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सेक्टर-32डी के पीजी में आ लगने से पूरे इलाके में दहशत का आलम रहा। पीजी के आसपास के लोग सहमे हुए थे। लोगों में चर्चा थी कि पाक्षी और रिया अगर खुद को बाथरूम में न बंद करतीं तो शायद उनकी जान बच सकती थी। मुस्कान ने खुद को बचाने के लिए बेड का सहारा लिया लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी भी जान नहीं बच पाएगी। बड़ा सवाल है कि अगर पीजी अगर नियमों के मुताबिक बना होता तो शायद आग की घटना से बचा सकता था। बहरहाल, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पीजी मालिक और संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। 
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वहीं घटना के दौरान महिला केयर टेकर बब्बू ने सबसे पहले पीजी से धुआं उठते देखा। आग लगते ही बब्बू ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इससे पीजी में मौजूद करीब 20 छात्राओं ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। इसके बाद बब्बू ने शोर मचाया कि मुस्कान, रिया और पाक्षी कमरे में रह गईं हैं। मामला पुलिस और फायर ब्रिगेड तक पहुंचा। दमकल की गाड़ियों ने आग पर करीब आधे घंटे में काबू पाकर अंदर घुसने की स्थिति बना दी जबकि पूरी तरह से आग को बुझाने में दो घंटे का समय लग गया। इस दौरान फायर लीडिंग मैन अमरजीत सिंह ने बताया कि पीजी के पहले मंजिल आग भड़की हुई थी। उनकी टीम किसी अंदर दाखिल हुई। इस दौरान पता चला कि अंदर तीन लड़कियां फंसी हुईं हैं।

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उनके कमरे को अच्छी तरह खंगाला गया जिनमें दो लड़कियों ने खुद को बाथरूम के अंदर बंद कर रखा था। शोर सुनकर उन लोगों को किसी तरह कंबल के सहारे बाहर लाया गया जबकि धुआं ज्यादा होने के कारण मुस्कान को तलाशना काफी मुश्किल हो रहा था। तभी कुछ आहट सुनाई दी। देखा तो मुस्कान बेड के नीचे दबी हुई थी। उसका पूरा चेहरा और सिर झुलस चुका था। इसके बाद उस फौरन अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद सेक्टर-17, 38 और रामदरबार से कुल पांच दमकल गाड़ियां पहुंचीं।
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छत पर छोटी सी जगह में टीनशेड लगाकर बनाए गए हैं कमरा 
कोठी में चलाए जा रहे पीजी के टॉप फ्लोर पर फर्जी तरीके से टीनशेड लगाकर छोटे-छोटे कमरे बनाए गए हैं। पीजी से निकलने का सिर्फ एक ही रास्ता है। छोटे से जगह में 10 से 12 कमरे बनाए गए हैं, जिनमें 34 छात्राएं रहती थीं। पीजी की पिछली तरफ की टीन शेड पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इस आग में लाखों रुपये के सामान जलकर राख हो गया, जिसमें बेड, कपड़े, लैपटॉप, मोबाइल, कैश, किताबें, जरूरी कागजात समेत अन्य सामान जलकर राख हो गया। घटना के बाद फायर ब्रिगेड की टीम देर रात तक आग के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई हैै।  
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