पंजाब पुलिस की सख्ती के बाद पराली जलाने की घटनाओं में कमी आने लगी है। सोमवार को राज्य में पराली जलाने के केवल 634 मामले सामने आए हैं। यह दीवाली के बाद अब तक की सबसे कम संख्या है। यह जानकारी विशेष डीजीपी (कानून-व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने दी।
उन्होंने बताया कि यह लगातार तीसरा दिन है जब राज्य में पराली जलाने के मामलों में कम से कम 28.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि रविवार और शनिवार को राज्य में क्रमशः 740 और 637 खेतों में आग लगाने के केस सामने आए। उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध की गई कार्रवाई के बारे में विवरण साझा करते हुए अर्पित शुक्ला ने बताया कि आठ नवंबर से अब तक पुलिस टीमों ने 1084 एफआईआर दर्ज की हैं जबकि 7990 मामलों में 1.87 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस अवधि के दौरान 340 किसानों के राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री भी की गई हैं।
उन्होंने बताया कि पुलिस और सिविल अधिकारियों के 1085 उड़नदस्ते पराली जलाने पर नजर रख रहे हैं। वहीं पुलिस कमिश्नर और एसएसपी की तरफ से जिला स्तर पर किसान नेताओं के साथ बैठक की जा रही है। डीएसपी ब्लॉक स्तर पर किसान नेताओं के साथ बैठक किसानों को जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आठ नवंबर से अब तक कम से कम 2587 ऐसी बैठकें हो चुकी हैं।