उन्होंने कहा कि 9000 से अधिक लोगों का ठीक होना उत्साह और राहत वाली बात है परन्तु कोविड के खिलाफ जंग में फतह पाने के लिए और बहुत कुछ करने की जरूरत है। कैप्टन ने ठीक होने वाले मरीजों को प्लाज्मा दान करने के लिए आगे आने के लिए कहा, जिसके लिए जल्द ही अमृतसर और फरीदकोट में दो बैंक और खोले जा रहे हैं। राज्य में पहला प्लाज्मा बैंक पटियाला में शुरू हो गया है, जहां अब तक आए 17 दानी सज्जनों में से सिर्फ 7 ही प्लाज्मा दान करने के लिए योग्य पाए गए हैं, जोकि 40 प्रतिशत दर बनती है।
250 पुलिसकर्मी कोविड से प्रभावित
फ्रंटलाइन वर्करों में कोविड मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 250 के करीब पुलिसकर्मी प्रभावित हुए हैं। सबसे आगे होकर काम करने वाले कर्मियों के टेस्ट करने सबसे जरूरी हैं, जिस पर राज्य सरकार काम कर रही है। एक सवाल कि पंजाब में किसी भी छोटे से ऑपरेशन के लिए डॉक्टर हर एक का टैस्ट क्यों करवाते हैं, के जवाब में उन्होंने कहा कि डॉक्टरों, नर्सों और अन्य मरीजों की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है।
माइक्रो कंटेनमेंट जोन को सही ठहराया कैप्टन ने
कंटेनमेंट और बफर जोनों की धारणा पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा माइक्रो स्तर पर कंटेनमेंट जोन बनाने की रणनीति का मकसद है कि आर्थिक गतिविधियों में रुकावट न आए। प्रधानमंत्री ने भी माइक्रो कंटेनमेंट रणनीति की प्रशंसा की है और बाकी राज्यों को भी इसे अपनाने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस रणनीति के अनुसार सिर्फ छोटे क्षेत्र को यह जोन बनाने से स्थानीय स्तर पर बीमारी को आगे फैलने से रोकने में में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर अंतर-राज्यीय आने-जाने के कारण महामारी के अधिक फैलने का खतरा रहता है।