इससे पहले, वित्त विभाग ने मोबाइल भत्ते में कटौती का जो प्रस्ताव सरकार को दिया है, उसके तहत, क्लास ए के अधिकारियों-कर्मचारियों को मिल रहे 500 रुपये के मासिक भत्ते को घटाकर 200 रुपये करने, क्लास बी अधिकारियों-कर्मचारियों को मिल रहे 300 रुपये मासिक भत्ते को घटाकर 175 रुपये करने, क्लास सी कर्मचारियों का 250 रुपये का मासिक भत्ता घटाकर 150 रुपये करने और क्लास डी कर्मचारियों का मासिक मोबाइल भत्ता 250 रुपये से घटाकर 100 रुपये करने का प्रस्ताव है। वित्त विभाग का कहना है कि इस कटौती से सरकार को हर साल 45 करोड़ रुपये की बचत होगी। इस मद में राज्य सरकार को हर साल 101.10 करोड़ रुपये देने पड़ रहे हैं।
लोकतंत्र में कर्मचारियों को अपनी बात कहने का हक है: खैरा
हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों का वेतन काटने संबंधी फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए पंजाब सिविल सचिवालय के कर्मचारियों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी के नेता सुखचैन सिंह खैरा ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है और अगर कर्मचारियों की बात नहीं सुनी जाती तभी हड़ताल जैसे कदम उठाए जाते हैं, जिनका कर्मचारियों को अधिकार है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों को दबाव बनाने की साजिश रच रही है जबकि कर्मचारियों की बकाया डीए जैसी लंबित मांगों को पूरा करने पर विचार नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि सरकार के फैसलों पर 8 जनवरी के बाद कर्मचारी संगठनों की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।