जीतू की मां को जब तेजाब पीने की सूचना मिली तो वह भी पानीपत सामान्य अस्पताल पहुंची और आकर अपने बेटे के गले लग गई। वहीं रोते हुए अपने बेटे को कहा कि बेटा फोन तो दूसरा आ जाता लेकिन तूझे मैं कहां से लेकर आती। इतना सुनते ही एक बार बेटे जीतू की भी आंखों में आंसू आए और खुद की गलती मान ली।
दो बहनों में इकलौता है जीतू
पिता उघल ने बताया कि जीतू दो बहनों में इकलौता है। इसलिए उसे कुछ भी होता है तो सबसे ज्यादा उसकी मां को ठेस पहुंचती है। उन्होंने बताया कि वह पूरे परिवार में अपनी मां का लाडला है। मां बचपन से ही उसकी हर इच्छा को पूरा करती आई है।
गम में था, दो बार मुंह से हटाया लेकिन तीसरी बार में पी लिया
चचेरे भाई रवि ने बताया कि फोन गुम होने से काफी परेशान था। जब पूरा परिवार काम पर चला गया था तो घर के अंदर कमरे में चला गया। वह भी उसके साथ था। शौचालय के अंदर से वह तेजाब की बोतल उठाकर लाया और उसे पीने की बात कही। रवि ने बताया कि उसने दो बार पीने से रोका लेकिन वह बाहर आया तो इसी का फायदा उठाकर उसने तीसरी बार में पी लिया।