व्हाट्सएप अब यह सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहा। तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने सरकारी महकमा को भी इससे अछूता नहीं रखा है, यहां पर पहली बार व्हाट्सएप से समन भेजने के आदेश जारी हुए है। आप सभी को याद होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक कार्यक्रम में अदालती कार्यवाही में तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल की बात कही थी। अब हरियाणा में उनकी बातों पर अमल होता दिख रहा है।
दरअसल, हरियाणा की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए एक मामले में आरोपी को व्हाट्सएप पर समन जारी करने का आदेश सुनाया है। ये केस संपत्ति के विभाजन का है। आदेश देते हुए कोर्ट ने कहा कि आज का युग आधुनिक युग है और व्हाटसएप नंबर या ईमेल आईडी भी व्यक्ति के पक्के पते के तौर पर माने जाने चाहिएं। अदालत ने ये फैसला बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद तामील न होने पर केसों के फैसलों में हो देरी और केस लंबे खिंचने के मद्देनजर सुनाया। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका के नेतृत्व वाली अदालत ने यह आदेश दिया है।