पंजाब विश्वविद्यालय अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को मार्कशीट या डिग्री तभी देगा जब वह अनापत्ति प्रमाण पत्र दिखाएंगे। यह प्रमाण पत्र छात्रावास, लाइब्रेरी व विभाग से लेना होगा। जानकारों का कहना है कि कई छात्रों पर पीयू का बकाया है जो उन्हें देना होगा। उसके बाद ही उन्हें लिखित में परिणाम मिल सकेगा। पीयू के परिणाम आने की तैयारी चल रही है। इसी सप्ताह में किसी न किसी विषय का रिजल्ट आने की उम्मीद जताई जा रही है।
कोरोना के कारण इस बार अंतिम वर्ष की परीक्षाएं नहीं हो रही थीं। यूजीसी ने भी कई बार अपनी गाइड लाइन में बदलाव किया। इस कारण पीयू की भी परीक्षा की योजना पूरी तरह नहीं बन पा रही थी। जब यूजीसी ने सितंबर माह में परीक्षाएं खत्म करवाने के आदेश जारी किए तो पीयू ने अपनी तैयारी शुरू की और 17 सितंबर से ऑनलाइन परीक्षाएं शुरू करवाईं।
उस दौरान प्रवेश पत्र उन विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रहे थे, जिन पर पीयू का बकाया था। पीयू का मानना था कि यदि इन विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र दे दिया तो फिर जरूरी नहीं कि बकाया वापस मिले। छात्रों का दबाव पड़ा तो पीयू ने कहा कि प्रवेश पत्र वह छात्रों के लिए जारी कर रहे हैं, लेकिन रिजल्ट से पहले यह बकाया चुकाना होगा। छात्र इसके लिए राजी हो गए थे। अब रिजल्ट जारी होना शुरू हो गया है, लेकिन तमाम विद्यार्थियों ने अभी तक विभागों व छात्रावासों से बकाया नहीं लिया।
सूत्रों का कहना है कि पीयू ने भी साफ कर दिया है कि बकाया भुगतान न होगा तब तक लिखित रिजल्ट नहीं मिलेगा। बकाया में शुल्क के अलावा किताबें या अन्य चीजें हो सकती हैं। मालूम हो कि अंतिम वर्ष की परीक्षा में पीयू व उससे संबद्ध 196 कॉलेजों के लगभग 80 हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। पीयू कैंपस के विद्यार्थियों की संख्या तीन हजार से अधिक रही। इनमें से 800 से अधिक छात्रों पर पीयू का बकाया बताया जा रहा है। वहीं कॉलेजों के विद्यार्थियों पर भी कॉलेजों का बकाया है।