चंडीगढ़ प्रशासन व नगर निगम के सभी विभागों में जल्द ही फिजिकल फाइलों को एक से दूसरे टेबल पर पहुंचाने की प्रथा खत्म हो जाएगी। यूटी प्रशासन के विजिलेंस विभाग के सचिव यशपाल गर्ग ने सभी विभागों के सचिव को आदेश जारी किया है कि एक दिसंबर से फाइलों को सिर्फ एनआईसी के ई-माड्यूल (ऑनलाइन) से ही आगे बढ़ाया जाए। अगर कोई विभाग ऐसा नहीं करता है तो उन्हें कारण बताना होगा।
जारी आदेश में कहा गया है कि प्रशासक के सलाहकार-सह-चीफ विजिलेंस ऑफिसर धर्मपाल ने यह महसूस किया है कि प्रशासन के कुछ विभागों ने फाइलों को ऑनलाइन चलाने का काम शुरू कर दिया है और यह व्यवस्था अच्छे से काम कर रही है इसलिए इसे अन्य विभागों में भी लागू किया जाना चाहिए। इसके अलावा विभागों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए भी ऐसा करना जरूरी है इसलिए अब जल्द से जल्द मैनुअल फाइलों के मूवमेंट को बंद करना होगा। इसके लिए एक दिसंबर तक का समय दिया गया है।
विजिलेंस विभाग के सचिव ने अपने आदेश में लिखा है कि कई लोगों की शिकायत रहती है कि जानबूझकर उनके काम को लटकाया जाता है। कई बार फिजिकल फाइल होने की वजह से फाइल को अफसर व कर्मचारी अपने पास दबाकर रखते हैं और बाद में उस पर बैक डेट से साइन कर दिया जाता है इसलिए इन सभी समस्याओं को दूर करने के लिए एनआईसी के ई-मॉड्यूल को लागू करना जरूरी है।
ऑफलाइन चलानी है फाइल तो ऑन रिकॉर्ड लिखना होगा कारण
आदेश में कहा गया कि एक दिसंबर के बाद फिजिकल फाइलों के मूवमेंट को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। अगर कोई फाइल बहुत जरूरी है तो ही उसे फिजिकल मोड पर चलाई जाएगी। हालांकि उसके लिए कारण भी फाइल पर लिखना होगा।
यह आदेश एक दिसंबर से सभी विभागों में लागू हो जाएंगे। अगर कोई विभाग ऐसा करने में असफल रहता है तो उसका कारण बताना होगा। आदेश में लिखा गया है कि यह चीफ विजिलेंस ऑफिसर व सलाहकार धर्मपाल की मंजूरी के बाद ही जारी किया गया है। इसे सभी विभागों के सचिव व प्रमुखों को भेजा गया है। आदेश की कॉपी पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित को भी भेजी गई है।