चुनाव विभाग की ओर से स्कूल-कॉलेजों में चलाए जा रहे मतदाता सूची में संशोधन अभियान के तहत चंडीगढ़ संसदीय चुनाव क्षेत्र में करीब 50 हजार नए मतदाता जुड़े हैं। आज इस अभियान का अंतिम दिन है।
नए मतदाताओं के नाम 5 जनवरी, 2014 को प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची में शामिल होंगे। इस अभियान के खत्म होने के बाद भी लोग चुनाव विभाग के कार्यालय आकर मतदाता सूची में नाम शामिल करा सकते हैं या नाम और पते में संशोधन करा सकते हैं।
जुड़ने वाले नये मतदाताओं में 60 से 65 फीसदी युवा मतदाता हैं। बुधवार को स्कूलों और कालेजों में बने अधिकतर मतदान केंद्रों में फार्म जमा कराने के लिए मतदाताओं की काफी भीड़ देख्ाने को मिली।
प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान के माध्यम से उनका लक्ष्य है कि चंडीगढ़ में जनसंख्या और मतदाताओं का अनुपात 60 तक पहुंच जाए।
उन्हें उम्मीद है कि जिस तरह से बड़ी संख्या में नए मतदाता बने हैं उससे यह लक्ष्य हासिल हो जाएगा। अभी यह अनुपात 50 है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक जनवरी, 2014 को 18 साल की आयु पूरी कर रहे नए मतदाताओं पर विशेष ध्यान दिया गया था।
चुनाव विभाग ने पंजाब यूनिवर्सिटी, कॉलेज और स्कूलों में भी विशेष अभियान चलाया था। साथ ही दक्षिणी सेक्टरों, को-ऑपरेटिव सोसायटियों और लेबर कॉलोनियों पर विशेष ध्यान दिया गया था ताकि अधिक से अधिक लोगों को मतदाता बनाया जा सके।
इस संबंध में चंडीगढ़ के ज्वाइंट चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर तिलक राज ने कहा कि चुनाव विभाग का यह अभियान पूरी तरह से सफल रहा है।
हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस अभियान में 50 हजार के करीब नए मतदाता जुड़ेंगे। हालांकि, इस अभियान के बाद भी लोग कार्यालय में आकर मतदाता सूची में नाम शामिल करा सकते हैं।
मतदाताओं की संख्या छह लाख
अभियान चलने से पहले चंडीगढ़ में मतदाताओं की संख्या 5,56,943 है। इनमें 18 से 28 साल के युवा मतदाताओं की संख्या 1,53,626 है, जो शहर के कुल मतदाताओं का 28 फीसदी है।
इस साल चुनाव विभाग की ओर से 15 जनवरी को प्रकाशित की गई नई मतदाता सूची में 67,746 मतदाता बढ़ें थे। अब, अगर 50 हजार के करीब मतदाता और बढ़ जाते हैं तो मतदाताओं की संख्या छह लाख तक पहुंच सकती है।