शहर के प्राइवेट स्कूलों की भारी भरकम फीस और अन्य मनमाने खर्च रोकने के लिए यूटी प्रशासन की ओर से तैयार फीस पॉलिसी लागू होने में देर लग सकती है। यूटी प्रशासन ने फीस पॉलिसी पर सुझाव के लिए 30 जून तक तिथि बढ़ा दी है। एक महीने पहले 15 मई को यूटी प्रशासन ने प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी की अनुमति के बाद फीस पॉलिसी पर आम जनता से सुझाव मांगे थे। लेकिन पॉलिसी पर एक महीने में केवल 10 लोगों ने ही डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन (डीएसई) को ई मेल से सुझाव भेजे हैं।
फीस पॉलिसी पर लोगों के कम सुझाव के बाद बुधवार को यूटी प्रशासन ने सुझाव लेने की समय सीमा बढ़ा दी है। अभिभावक और स्कूल प्रबंधक अब 30 जून तक फीस पॉलिसी पर सुझाव दे सकते हैं। गौरतलब है कि चंडीगढ़ के प्राइेवट स्कूलों के खिलाफ चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन के कड़े विरोध के बाद 15 मई को फीस पॉलिसी ड्राफ्ट को तैयार कर चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर जारी कर दिया गया। लोगों से पॉलिसी को ओर बेहतर बनाने के लिए सुझाव मांगे गए। लेकिन सुझाव का रिस्पांस काफी फीका रहा है। एक स्कूल और 9 अन्य लोगों ने ई मेल पर सुझाव दिए हैं। अधिकतर लोगों ने सुझाव में अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
नए सिरे से जांच रिपोर्ट होगी तैयारी
मनमानी फीस, सिलेबस में प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें लगाने, कैैंपस में ड्रेस और महंगी किताबें बेचने वाले 32 प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ 100 शिकायतें आई हैं। डिप्टी डायरेक्टर सरोज मित्तल की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट डायरेक्टर हायर एजुकेशन ने 13 जून को खारिज कर दी। सूत्रों के अनुसार जांच कमेटी इसी हफ्ते दोबारा रिपोर्ट तैयार करने के लिए मीटिंग करेगी। गौरतलब है कि जांच रिपोर्ट में किसी भी स्कूल के खिलाफ कोई कार्रवाई की सिफारिश नहीं की गई है। कमेटी ने सिर्फ सुझाव दिए हैं।
फीस पॉलिसी को खारिज किया
यूटी प्रशासन की फीस पॉलिसी को चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन ने सिरे से खारिज कर दिया है। शिक्षा सचिव के सुझाव पर अब सीपीए खुद फीस पॉलिसी तैयार कर रही है। एसोसिएशन के प्रेसिडेंट नितिन गोयल ने कहा कि पॉलिसी बनाने का काम जारी है। अभिभावकों और शहर के अन्य लोगों से पॉलिसी पर सुझाव लिए जा रहे हैं। कई नामी वकील और रिटायर्ड जज से भी एसोसिएशन के सदस्यों ने मुलाकात की है। गोयल ने कहा कि एक हफ्ते के भीतर फीस पॉलिसी का ड्रॉफ्ट प्रशासन को सौंप दिया जाएगा।
कमेंट
प्रशासन के पास सुझाव कम आने का कारण प्रशासन की कार्रवाई पर विश्वास न होना है। यूटी प्रशासन की तैयार फीस पॉलिसी इतनी कमजोर है कि उस पर सुझाव बनता ही नहीं। हम जल्द ही शिक्षा विभाग को नई पॉलिसी तैयार कर सौंपेंगे।
नितिन गोयल, प्रेसिडेंट चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन
कोट
फीस पॉलिसी ड्राफ्ट पर शहर के काफी कम लोगों ने सुझाव दिए हैं। लोगों को 15 दिन का अतिरिक्त समय देने का फैसला लिया गया है। अब 30 जून तक लोग सुझाव यूटी शिक्षा विभाग के पास भेज सकते हैं।
चंचल सिंह, डिप्टी डायरेक्टर स्कूल यूटी