पूर्व गृह राज्यमंत्री सुभाष बतरा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में बड़ा षड्यंत्र किया गया है। एक सोची-समझी साजिश के तहत चुनाव कराया गया। इससे न केवल राजनीति पर दाग लगा है, बल्कि निर्वाचन आयोग की छवि भी धूमिल हुई है। इस चुनाव को 10 दिन के अंदर रद्द नहीं किया गया तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगा।
अपनी पार्टी के नेताओं पर कहा कि चुनाव से पहले सोनिया गांधी ने आरके आनंद को समर्थन देने के लिए कहा था, लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं ने ऐसा नहीं किया। आला कमान के आदेशों की धज्जियां उड़ाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्व गृह राज्यमंत्री सुभाष बतरा ने मंगलवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्यसभा चुनाव में जो खेल हुआ है उसे सब जानते हैं। पंच-सरपंच के चुनाव में भी पारदर्शिता बरती जाती है, लेकिन इतने बड़े चुनाव में नियमों की धज्जियां उड़ा दी गईं।
वोटिंग के दौरान पेन बदल दिए गए। खुलेआम पता चल रहा है कि किस हद तक षड्यंत्र किया गया है। इसमें भाजपा से लेकर अन्य दलों के नेता शामिल हैं। पूर्व गृह राज्यमंत्री ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर भी निशाना साधा। कहा कि प्रदेश में जाट आरक्षण पर बवाल मचा हुआ है और मुख्यमंत्री इलाहाबाद में डुबकी लगाकर पाप धो रहे हैं।