एफसीआई लेबर यूनियन और फूड एंड अलाइड के बीच स्पेशल ट्रेन में अनाज (गेहूं) लोडिंग को लेकर हुआ झगड़ा खूनी संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों की तरफ से जमकर पथराव हुआ। सूचना पाकर पहुंची पुलिस पर भी पथराव किया गया। पुलिस को माहौल शांत करने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
इस घटना में लगभग आठ मजदूर, पांच पुलिस मुलाजिम और एक पत्रकार जख्मी हो गया। पिछले कई दिनों से दोनों यूनियन के बीच झगड़ा चल रहा था, जो मंगलवार को स्पेशल ट्रेन में लोडिंग के दौरान बढ़ गया।
ये बनी बवाल की बड़ी वजह
बवाल के बाद इलाके में तनाव
- फोटो : अमर उजाला
एफसीआई के डीएम त्यागी के मुताबिक लोडिंग और अनलोडिंग का ठेका फूड एंड अलाइड को मिला है। फूड एंड अलाइड ने स्पेशल मालगाड़ी में लोडिंग करने की मजदूरी तीन रुपये रखी है, जबकि एफसीआई लेबर यूनियन का रेट 17 रुपये है। एफसीआई लेबर यूनियन ट्रेन में फूड एंड अलाइड को अनाज लोडिंग करने नहीं दे रही है।
ट्रेन में समय पर माल की लोडिंग नहीं होने पर एफसीआई को जुर्माना देना पड़ रहा है। मंगलवार को जैसे ही फूड एंड अलाइड की लेबर ट्रेन में लोडिंग करने लगी तो एफसीआई लेबर यूनियन ने हंगामा मचा दिया।
छह हवाई फायर किए और आंसू गैस के गोले दागे
बवाल के बाद इलाके में तनाव
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार थोड़ी देर में ही विवाद बढ़ गया और दोनों यूनियन के बीच पथराव शुरू हो गया। पुलिस को सूचना दी गई। जानकारों के मुताबिक पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंच माहौल को शांत कराने के लिए लगभग छह हवाई फायर किए और आंसू गैस के गोले दागे।
पथराव में आठ मजदूर और पांच पुलिस वाले जख्मी हो गए। एक टीवी चैनल का पत्रकार भी जख्मी हो गया। एक मजदूर सुखा के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। सभी जख्मियों को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। सूचना मिलने के बाद एसपी (डी) राजवीर सिंह, एसडीएम हरजीत सिंह के अलावा अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।
हाईकोर्ट के दिशा निर्देश अनुसार स्पेशल ट्रेन में एफसीआई की गेहूं की लोडिंग का ठेका किसी कंपनी को दिया गया है, लेकिन स्थानीय लेबर इसका विरोध कर रही थी। पुलिस के ऊपर लेबर ने पथराव किया। पुलिस ने भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए हल्का लाठी चार्ज किया। स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है।
राजवीर सिंह, एसपी (एच)