चंडीगढ़। पंजाबी मूल के दो प्रमुख वैज्ञानिकों को गणतंत्र दिवस पर बड़े पुरस्कार से नवाजा जाएगा। फाइबर ऑप्टिक्स के जनक प्रोफेसर नरिंदर सिंह कपानी को मरणोपरांत पद्म विभूषण दिया जाएगा। वहीं, अमेरिका में ही रह रहे वैज्ञानिक प्रोफेसर रतन लाल को पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा जाएगा। प्रो. रतन लाल ने पीयू से एग्रीकल्चर में बीएससी की थी। पीयू के पूर्व वाइस चांसलर प्रोफेसर एके ग्रोवर ने पुरस्कार मिलने पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि दोनों वैज्ञानिक का पीयू से विशेष लगाव रहा है।
पंजाब के मोगा में जन्में फाइबर ऑप्टिक्स के जनक प्रो. नरिंदर सिंह कपानी का कुछ दिन पहले अमेरिका में निधन हुआ था। पीयू ने उन्हें विज्ञान रत्न पुरस्कार दिया था, लेकिन वे कार्यक्रम में पहुंच नहीं पाए थे। प्रो. नरिंदर सिंह कपानी ने स्नातक की पढ़ाई आगरा विश्वविद्यालय से की। उसके बाद उन्होंने परास्नातक की पढ़ाई लंदन से की। वहीं से उन्होंने डाक्टरेट की उपाधि ली। उन्होंने 1954 में फाइबर ऑप्टिक्स तकनीकी का विकास कर पूरी दुनिया में नया आयाम गढ़ दिया। उनका नाम नोबेल पुरस्कार के लिए चला, लेकिन किसी कारणवश फाइनल नहीं हो पाया। उनके बाद फाइबर ऑप्टिक्स पर जापान के एक व्यक्ति ने काम किया तो उन्हें नोबेल पुरस्कार के लिए चुन लिया गया। विज्ञान जगत में इसकी आलोचना भी हुई। वह अमेरिका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे।
अमेरिका की फार्च्यून पत्रिका ने दुनिया के दस सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में प्रो. नरिंदर को शामिल किया था। उन्होंने अमेरिका में सिख धर्म का खूब प्रचार किया था। प्रोफेसर रतन लाल को विश्व खाद्य पुरस्कार भी मिल चुका है।