एक तरफ जहां पुलिस दावा कर रही है कि अमृतपाल सिंह के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से गहरे रिश्ते हैं और उसे पंजाब में अशांति फैलाने के लिए विदेश से फंडिंग होती है। दूसरी तरफ इस बात को सोमवार मीडिया से बातचीत में अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने झूठा करार दिया। उन्होंने कहा कि अमृतपाल पाल सिंह आम आदमी था, उसे जानबूझकर अपराधी बना दिया है। उन्हें पूरा विश्वास है कि उनके बेटे को पुलिस ने काबू कर लिया है।
तरसेम सिंह ने कहा कि अगर पुलिस ने उनके बेटे को गिरफ्तार करना था तो इस प्रकार का आडंबर रचने की कोई जरूरत नहीं थी। उसे आसानी से पुलिस घर से भी गिरफ्तार कर सकती थी। अमृतपाल सिंह शनिवार को एक-दो जगह अपने प्रोग्राम में शामिल होने गया था जबकि पुलिस ने ड्रामा किया। उन्होंने कहा इसके बाद उनके गांव और घर में सुरक्षा एजेंसियों ने दबिश दी।
वहीं अमृतपाल सिंह ने आनंदपुर खालसा फौज (AKF) बनाने के बारे में तरसेम सिंह ने कहा कि अमृतपाल सिंह के साथ रहने वाले पांच-छह लोगों ने अपने हथियारों पर जरूर लिखा था लेकिन पांच छह लोगों से फौज तैयार नहीं होती है। उनके भाई ने खुद आत्मसमर्पण किया है। अमृतपाल सिंह के साथ चलने वाले लोगों के हथियारों को अवैध कहने पर उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। पहले सारे लोगों के हथियार जायज थे, जबकि अब सारे अवैध बना दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में कानूनी जंग लड़ेंगे।