अमृतपाल सिंह और उसके माता-पिता।
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पंजाब पुलिस अमृतपाल की गिरफ्तारी की बात कह रही है। वहीं परिवार का कहना है कि बेटे ने कानून के हवाले किया है। अमृतपाल को मोगा के गांव रोडे से फरारी के 36 दिन बाद पकड़ा गया है। अब उसका नया ठिकाना असम की डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल होगा। कानून के शिकंजे में आने के बाद भी अमृतपाल का परिवार खुश है कि बेटा सलामत है।