राइस मिल लगभग 15 साल से बंद पड़ी है। पड़ोसी गोदाम में तैनात सुरक्षाकर्मी रंजीत सिंह ने बताया कि इस मिल में कोई सुरक्षाकर्मी नहीं है। मिल बरसों से बंद है। मुख्य गेट पर न तो कोई सुरक्षाकर्मी है और न ही चौकीदार। उन्होंने बताया कि इस मिल के पीछे टूटी दीवार के रास्ते कई बार चोर भी दाखिल होकर उनके गोदाम से गेहूं से भरी बोरियां चोरी करने की कोशिश कर चुके हैं।
मिल के पिछले हिस्से चोर रास्ते से दाखिल हुए आतंकी
पनग्रेन सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक मिल के पीछे वाली दीवार का कुछ हिस्सा एक दो सालों से टूटा पड़ा है। किसने तोड़ा और क्यों तोड़ा, उन्हें नहीं पता। पिछली दीवार के साथ सटे खेत किसके हैं, यह भी उन्हें नहीं पता। उन्होंने आशंका जताई कि इसी रास्ते का इस्तेमाल आतंकियों ने किया होगा।
गांव में किसी ने नहीं देखा ड्रोन
राजोके गांव के सरपंच निशान सिंह के मुताबिक सुनने में आया था कि पाकिस्तान की तरफ से हथियारों के साथ आया ड्रोन उनके गांव में पहुंचा था। निशान सिंह की माने तो उनके गांव में किसी ने भी उक्त ड्रोन को नहीं देखा और न ही कोई पुलिस कर्मी इस संबंध में उनके गांव में आया।