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यादें: रास्ते में मिलने वाले बच्चों को टॉफियां तक बांटते थे सीडीएस बिपिन रावत, बॉडीगार्ड रहे सुशील कुमार ने सुनाया किस्सा

Thu, 09 Dec 2021 01:51 AM IST
ajay kumar संजीव ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, कुलां (फतेहाबाद)

सार

सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य सैन्य अधिकारियों के निधन से देशभर में शोक की लहर है। उनको जानने वाले लोग बेहद स्तब्ध हैं। हरियाणा के फतेहाबाद जिले के रहने वाले नायक सुशील कुमार दो साल तक बिपिन रावत के बॉडीगार्ड रह चुके हैं। उन्होंने सीडीएस रावत से जुड़ी तमाम यादों को साझा किया।  
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सीडीएस बिपिन रावत (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत बेहद मिलनसार व्यक्ति थे। अपने से छोटे कर्मचारियों को भी पूरा मान-सम्मान देते थे। वह इतने बड़े पद पर पहुंचने के बाद भी जमीन से जुड़े इंसान रहे। ड्यूटी के दौरान जाते समय रास्ते में मिलने वाले बच्चों को भी हमेशा टॉफियां बांटते थे। सिविलियंस के प्रति हमेशा लगाव रखते थे। उनका निधन देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है।

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यह कहना है, जनरल बिपिन रावत के साथ दो साल तक बॉडीगार्ड रहे गांव नन्हेड़ी निवासी सेवानिवृत्त नायक सुशील कुमार का। सुशील कुमार ने कश्मीर के बारामूला जिले के सोपोर क्षेत्र में तत्कालीन ब्रिगेडियर बिपिन रावत के बॉडीगार्ड के रूप में साल 2007 से 2009 तक सेवाएं दी थी। उस समय बिपिन रावत सेक्टर पांच के कमांडर होते थे। सुशील कुमार सिपाही के रूप में कार्यरत थे।

हर धर्म की आस्था को देते थे सम्मान

सुशील कुमार बताते हैं कि जनरल बिपिन रावत हर धर्म की आस्था को सम्मान देते थे। एक बार वह वैष्णो देवी गए तो उनके साथ वहां जाने का अवसर उन्हें भी मिले। अपने साथ रहने वाले स्टाफ सदस्यों के साथ वह खूब अच्छा व्यवहार करते थे और उन्हें पारिवारिक सदस्यों की तरह मानते थे।

निधन की सूचना से हुई बेहद निराशा

सुशील कुमार ने बताया कि जब उन्हें हेलीकॉप्टर हादसे की सूचना मिली तो वह और उनका पूरा परिवार जनरल बिपिन रावत की सलामती के लिए प्रार्थना करते रहे। जैसे ही उनके निधन की पुष्टि हुई तो पूरे परिवार को बड़ी निराशा हुई। सुशील कुमार बोले कि देश ने बहुत अच्छा और जांबाज अफसर खो दिया है। उनके द्वारा सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए किए गए कार्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।

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