चंडीगढ़। पानी की बढ़ी दरों के खिलाफ फॉसवेक ने सोमवार को सेक्टर-17 स्थित प्लाजा में जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी नगर निगम कार्यालय पहुंचे। नगर निगम के बाहर भारी पुलिस बल मौजूद था। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। बाद में फॉसवेक का एक सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल नगर निगम कार्यालय पहुंचा और मुख्य अभियंता के माध्यम से निगम कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान फॉसवेक ने मांग की कि पानी के बढ़ी हुई दरें वापस ली जाएं।
प्रदर्शन के दौरान फॉसवेक को इंटक, एटक, सीटू, एक्टू और सीटीयू जैसी संगठनों के अलावा कांग्रेसी पार्षदों ने भी समर्थन दिया। इनके अलावा आम आदमी पार्टी और पेंडू संघर्ष कमेटी ने भी फॉसवेक को अपना समर्थन दिया। इस दौरान फॉसवेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिटटू ने कहा कि पानी की दरें बढ़ने से शहर के लोग परेशान हैं। नगर निगम ईस्ट इंडिया कंपनी जैसा काम कर रहा है। सीधे-सीधे शहरवासियों को लूटने का काम किया जा रहा है। भारी भरकम और बिना मतलब के टैक्स थोपे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 24 घंटे पानी की आपूर्ति के नाम पर फ्रांस से 500 करोड़ रुपये का लोन लिया जा रहा है जो शहर के लोगों के ऊपर बोझ है। उन्होंने कहा कि सांसद किरण खेर शहर के विकास के लिए केंद्र से ग्रांट और फंड लाने में विफल रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले हमारा शहर सिटी ब्यूटीफुल था अब उसे स्मार्ट सिटी बनाया और अब लोन सिटी बनाने जा रहे हैं। ये शहर को बर्बाद करने पर लगे हैं।
फॉसवेक के चेयरमैन ने कहा कि नगर निगम शहर के लोगों को साफ पानी भी मुहैया नहीं करवा रहा है। यदि साफ पानी मुहैया कराता तो लोग आरओ क्यों लगवाते। फिर पानी का रेट भी बढ़ा दिया। बलजिंदर सिंह ने कहा कि पानी की दरें बढ़ाने के लिए नगर निगम ने किसी से भी बात नहीं की। मनमानी चल रही है। फॉसवेक की ओर से 9 फरवरी और 13 सितंबर को आपत्ति दर्ज कराई लेकिन इस पर भी किसी ने ध्यान नहीं दिया। हर प्रकार का टैक्स देने के बाद भी हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जब सुविधा ही नहीं मिली तो पानी का दर क्यों बढ़ाया। फॉसवेक के महासचिव जेएस गोगिया, मुख्य प्रवक्ता पंकज गुप्ता के साथ कई आरडबल्यूए और ट्रेड यूनियनों के नेताओं ने संबोधित किया।