हरियाणा के खट्टर मंत्रिमंडल की वीरवार को होने वाली बैठक में अहम निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। कैबिनेट बैठक में जहां जाट आरक्षण आंदोलन पर मंथन तय है, वहीं सरकार बड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन खरीद की योजना भी लाने जा रही है।
भूमि की किल्लत के चलते अधर में अटकी परियोजनाओं के लिए सरकार बीच का रास्ता निकालने में लगी है। इसके तहत किसी भी प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए किसानों को मुंह मांगी कीमत पर जमीन बेचने का विकल्प देने की पूरी तैयारी हो चुकी है।
सरकार विचार कर रही है कि किसानों का जमीन मूल्य और स्थान मनमाफिक होने पर भूमि सौदे में कोई देरी नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल बैठक में इस नीति को हरी झंडी मिलना तय माना जा रहा है।
सरकार जल्द ऐसा वेब पोर्टल भी लांच करेगी, जिस पर लोग अपनी जमीनें बेचने के विकल्प दे सकेंगे। चूंकि सरकार को बीते दो साल के कार्यकाल में की गई साढ़े तीन हजार घोषणाओं को सिरे चढ़ाने के लिए सबसे बड़ी दिक्कत जमीन की ही आ रही है।
इससे सीएम की घोषणाएं आधे से भी कम सिरे चढ़ी हैं। उदाहरण के तौर पर पानीपत व करनाल के सेक्टर 12 में बस अड्डा बनना है तो आसपास के किसानों या अन्य लोगों को जमीन बेचने के विकल्प दिए जाएंगे।