चंडीगढ़ स्थित किसान भवन में पंजाब के 30 किसान संगठनों ने बैठक की। बैठक में दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा हुई। इस दौरान किसान संगठनों ने दिल्ली आंदोलन को सफल बनाने के लिए एक संयुक्त मोर्चे का गठन भी किया। इसमें 30 किसान सगंठनों के अतिरिक्त अन्य राज्यों की किसान यूनियनों को भी शामिल किया गया है। हालांकि इस मोर्चे में भाकियू उगराहां और किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी को शामिल नहीं किया गया है।
गुरुवार सुबह 11 बजे फिर से चंडीगढ़ में किसान संगठन बैठक करेंगे। 26-27 नवंबर को दिल्ली में किसानों का देशव्यापी आंदोलन होगा। इसको लेकर किसान संगठनों ने हरियाणा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वह उनकी राह में अड़चन न बनें। किसान नेता रुलदु सिंह ने बताया कि यदि रास्ते में हरियाणा सरकार उन्हें रोकेगी तो वह इसके खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
उगराहां चलाएगा 'अवेक द विलेज, शेक द विलेज' अभियान
भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) 21 से 23 नवंबर तक 'अवेक द विलेज, शेक द विलेज' अभियान शुरू करेगी। इस अभियान के तहत महिलाएं केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगी और मशाल जुलूस आयोजित किए जाएंगे। यूनियन के महासचिव सुखदेव कोकरी कलां ने दावा किया कि दिल्ली में 26 नवंबर को आयोजित होने वाले धरने में 1.5 लाख किसान शामिल होंगे।